शामली में कलीम के ठिकानों पर छापे, पाकिस्तानी ISI से संबंध पर UP STF की ताबड़तोड़ कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के शामली में कलीम के ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है। कलीम का पिता नफीस पिछले दिनों पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर लौटा था। इसके बाद खुफिया इनपुट के आधार पर कलीम को जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसके आईएसआई के संपर्क में होने की जानकारी मिली। यूपी एसटीएफ की मेरठ यूनिट ने कार्रवाई की। कलीम को पकड़ा गया था। उसके पास से दो मोबाइल सिम और उर्दू में लिखे गए दस्तावेज मिले थे। वॉट्सऐप के जरिए इन दस्तावेजों के पाकिस्तान भेजे जाने की बात सामने आई थी। उसके भारतीय सेना से जुड़े फोटो भी भेजे जाने का मामला सामने आया था। यूपी एसटीएफ और खुफिया एजेंसियां कलीम से पूछताछ कर रही हैं। इसके आधार पर उसके ठिकानों पर छापे मारे जा रहे हैं। कलीम को सपोर्ट करने वालों तक एसटीएफ पहुंचने और उन्हें गिरफ्त में लेने की कोशिश कर रही है।
कलीम के पाकिस्तानी रिश्तेदारों के जरिए खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में आने की बात सामने आई है। देश में जेहाद फैलाने के लिए उसे पैसों का लालच दिया गया। इसके अलावा हथियार, गोला-बारूद भी उपलब्ध कराने का वादा किया गया। आईएसआई ने कलीम को शरीयत कानून लागू कराने के लिए लोगों को जोड़ने का टास्क दिया था। पिछले दिनों वह पाकिस्तान गया हुआ था। वहां वह गिरफ्तार किया गया। अब उससे पूछताछ चल रही है। जांच एजेंसियों की ओर से उसके करीम से लिंक को लेकर पूछताछ की जा रही है।
कलीम से मिले इनपुट के आधार पर शामली के नौकुआं रोड स्थित बर्फ खाने वाली गली कलीम का परिवार रहता है। यहां उनके तमाम नातेदार- रिश्तेदार भी रहते हैं। यूपी एसटीएफ के छापेमारी के क्रम में एक युवक को हिरासत में लेने की भी खबर आई है। उससे पूछताछ चल रही है। हालांकि, अभी तक इस संबंध में यूपी एसटीएफ की ओर से कुछ भी नहीं कहा जा रहा है।
कई बार गया था पाकिस्तान
कलीम को लेकर कई सूचनाएं सामने आई हैं। उसके बारे में जानकारी सामने आई है कि वह कई बार पाकिस्तान गया। वहां उसने नकली नोटों के कारोबारियों से संपर्क साधना शुरू किया। इकबाल काना समेत अन्य लोगों की मदद से उसने देश में नकली नोटों का कारोबार शुरू किया। उसने अपने लड़कों को भी इस काम में लगा दिया। वर्ष 2008 में बर्फ खाने वाली गली चर्चा में आई थी। कोतवाली पुलिस ने तब महबूब के बेटे इमरान को नकली नोट केस में गिरफ्तार किया था। इमरान पर तब एनएसए के तहत कार्रवाई की गई थी। उसके बाद से बर्फ खाने वाली गली में छापेमारी लगातार होती रही है। पिछले दिनों पंजाब पुलिस भी इस गली में आई थी। उसे आईएसआई के लिए काम करने वाले तहसीम की तलाश थी। एसटीएफ मेरठ ने भी पिछले बुधवार को तहसीम की गिरफ्तारी के लिए छापा मारा था।
कलीम की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा डर
कलीम की गिरफ्तारी के बाद बर्फ खाने वाली गली में डर का माहौल बढ़ा है। पिछली बार 20 छतों को यूपी एसटीएफ ने खंगाला था। इसके बाद डर से लोग घरों को छोड़कर चले गए। कई घरों पर ‘मकान बिकाऊ है’ तक के पोस्टर लगा दिए गए। इसे पुलिस की कार्रवाई से बचने का तरीका माना जा रहा है। करीब दर्जन भर घरों में ताला लगा हुआ था। हालांकि, अब एक बार फिर लोगों के गली में वापस लौटने के बाद मेरठ एसटीएफ की टीम ने इलाके में छापा मारा। पूछताछ शुरू की गई है।




