उन्होंने एक वीडियो संदेश में बताया कि वह मंगलवार को मोहाली में नेशनल जस्टिस फ्रंट की दूसरी वर्षगांठ में शामिल होने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही उन्हें घर में नजरबंद कर दिया गया।
मुख्य बिंदु:
तरसेम सिंह ने बताया कि सोमवार रात से ही गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, जिससे डर का माहौल बन गया है।
उन्होंने भगवंत मान सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का आरोप लगाया।
तरसेम सिंह ने कहा कि सरकार बार-बार लोगों को एकजुट होने और अपनी आवाज उठाने से रोकती है।
उन्होंने अपील की कि अधिक से अधिक लोग नेशनल जस्टिस फ्रंट से जुड़ें और सांसद की रिहाई के लिए आवाज उठाएं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उन्हें घर से बाहर न जाने का निर्देश दिया और यह स्पष्ट कर दिया कि पुलिस बल उनके लिए तैनात किया गया है।
सरकार पर आरोप:
तरसेम सिंह ने कहा कि सरकार लोकतंत्र का अपमान कर रही है और लोगों के विरोध करने के अधिकार को छीन रही है। उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक बताया।
नेशनल जस्टिस फ्रंट की भूमिका:
तरसेम सिंह ने लोगों से फ्रंट के कार्यक्रम में शामिल होने और अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने का आह्वान किया।
आने वाले कार्यक्रम:
उन्होंने संभावना जताई कि माघी मेले के दौरान अमृतपाल सिंह की नई पार्टी का ऐलान किया जा सकता है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रतिक्रिया:
तरसेम सिंह ने कहा कि सरकार का यह रवैया लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। लोगों को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए।


