त्रिपुरा में कांग्रेस मैदान पर 13 सीटों में, ऐसी 5 सीटें जहां 2018 में 5 हजार से कम के अंतर से हारी

त्रिपुरा में चुनावी शंखनाद के बाद सभी पार्टियों का प्रचार जोरो से हो रहा है. बीजेपी सत्ता को बचाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है. तो वहीं लेफ्ट एक बार फिर से अपना घर वापस लेने की फिराक में है. कांग्रेस की कोशिश सुनने से अपना नंबर बढ़ाने को लेकर है. त्रिपुरा चुनाव इस बार का कई मायनों में अलग है .कांग्रेस ने लिफ्ट के साथ गठबंधन में चुनाव में उतरने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही पिपरा मोथा की इंट्री ने भी चुनाव दिलचस्प बना दिया है.
इस बार कांग्रेस के लिए अच्छी बात यह है कि उसके खाते में जो 13 सीटें आई है. उनमें ऐसी 5 सीटें हैं, जहां 2018 में पार्टी 5 हजार या फिर इससे कम वोटों के अंतर से हारी थी. हालांकि उसका फोकस 13 सीटों पर है, लेकिन इन 5 सीटों पर विशेष ध्यान दे रही है. गठबंधन होने के बाद पार्टी किसी कीमत पर इन सीटों पर कोई चूक नहीं करना चाहती है.
कांग्रेस के खाते में जो 13 सीटें आई हैं. उनमें पेंचारथल सीट शामिल है. यहां पिछली बार कांग्रेस सिर्फ 1373 वोटों के अंतर से चुनाव हार गई थी. इस बार पार्टी ने यहां साधन कुमार चकमा को उम्मीदवार बनाया है.


