झारखंड में एक साक्षात्कार से शुरू हुआ विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। बाबूलाल मरांडी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बयान देने का आरोप है। यह साक्षात्कार एक निजी यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था। इसके बाद झामुमो कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया।
विरोध के बाद राज्य के छह जिलों में प्राथमिकी दर्ज की गई। इनमें से चार मामलों को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई। हाईकोर्ट ने बुधवार को मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने अंतरिम रोक हटाकर कार्रवाई का रास्ता खोल दिया।
याचिकाकर्ता को एक सप्ताह का समय जरूर दिया गया है। लेकिन अब कानूनी कार्रवाई पर रोक नहीं है। यह मामला आने वाले दिनों में और अहम हो सकता है। राजनीतिक बयानबाजी और कानूनी सीमाओं की परीक्षा इस केस में देखने को मिलेगी।

