उज्जैन का ‘क्लॉक ट्री’: जहां समय थमता है और मन्नतें होती हैं पूरी.
उज्जैन में एक अनोखा पेड़ है, जिसे ‘क्लॉक ट्री’ के नाम से जाना जाता है।
इस पेड़ पर लोग घड़ियाँ लटकाकर अपनी मन्नतें मांगते हैं।
कहा जाता है कि यहां मांगी गई मुरादें जल्द ही पूरी हो जाती हैं।
जो लोग अपनी इच्छाएँ पूरी होते देखते हैं, वे धन्यवाद स्वरूप नई घड़ी लटकाते हैं।
इस पेड़ को श्रद्धा और आस्था का प्रतीक माना जाता है।
यह अनोखी परंपरा सालों से चली आ रही है और लगातार लोकप्रिय हो रही है।
पेड़ पर हर आकार और रंग की घड़ियाँ लटकी हुई नजर आती हैं।
यह स्थान श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पेड़ सकारात्मक ऊर्जा से भरा हुआ है।
यहां आने वाले लोग अपनी इच्छाएँ पेड़ के पास खड़े होकर फुसफुसाते हैं।
इस परंपरा की वजह से उज्जैन में यह जगह ‘मनोकामना पूर्ति स्थल’ बन गई है।
यह पेड़ लोगों की आस्था और विश्वास का जीता-जागता उदाहरण है।
हर साल सैकड़ों लोग यहां अपनी मुरादों के साथ घड़ियाँ चढ़ाने आते हैं।
घड़ियाँ समय का प्रतीक मानी जाती हैं, इसलिए इसे शुभ माना जाता है।
कुछ श्रद्धालु कहते हैं कि उनकी घड़ी लटकाने के बाद उनका जीवन बदल गया।
इस जगह पर घड़ियों की बढ़ती संख्या इस अनोखी परंपरा को दर्शाती है।
उज्जैन धार्मिक नगरी है और यह स्थान भी भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
इस पेड़ की कहानी अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है।
देश-विदेश से लोग इस अनोखे स्थान को देखने और अनुभव करने आ रहे हैं।
यह स्थान समय और श्रद्धा का संगम माना जा रहा है।


