न लोकसभा चली न राज्यसभा, मणिपुर पर अमित शाह की अपील भी बेकार गई
संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है। लोकसभा और राज्यसभा, दोनों ही सदनों में टकराव की स्थिति बनी हुई है। सोमवार को भी कोई कामकाज नहीं हो सका। लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार मणिपुर पर चर्चा को तैयार है। शाह ने कहा कि ‘मुझे नहीं पता कि विपक्ष चर्चा क्यों नहीं चाहता।’ हंगामा नहीं थमने पर लोकसभा कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में भी सभापति जगदीप धनखड़ ने सख्त रुख अपनाया। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह को सदन ने पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया है। RS में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सिंह के निलंबन का प्रस्ताव रखा। सिंह लगातार राज्यसभा में नारेबाजी और हंगामा कर रहे थे। मणिपुर में जातीय हिंसा को लेकर विपक्ष संसद में पीएम नरेंद्र मोदी के बयान की मांग पर अड़ा है। देखें, संसद के मॉनसून सत्र में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही का हर अपडेट।
- चर्चा होने दीजिए, अमित शाह की विपक्ष से अपीलगृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में विपक्षी सांसदों से अपील करते हुए कहा कि वे सदन को चलने दें। मणिपुर पर चर्चा को सरकार तैयार है, बताते हुए शाह ने कहा कि यह (मणिपुर) महत्वपूर्ण मुद्दा है। हालांकि, इसके बाद भी हंगामा नहीं थमा। लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।
- 02:03 PM,Jul 24 2023संसद में हंगामा जारी, दोनों सदन फिर स्थगितसंसद के दोनों सदनों में हंगामा जारी है। लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2.30 बजे तक स्थगित कर दी गई। राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित किया गया।
- 01:49 PM,Jul 24 2023‘सरकार चर्चा को तैयार फिर क्यों संसद नहीं चलने दे रहा विपक्ष’भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा, ‘हम मणिपुर पर बहस के लिए तैयार हैं लेकिन इसके साथ बिहार में जो लाठीचार्ज हुआ, बंगाल में जो हिंसा हुई, उस पर भी बहस कराने के लिए मैंने नोटिस दिया था और स्पीकर ने उसको स्वीकार कर लिया। आज AAP सांसद संजय सिंह ने जिस प्रकार हंगामा शुरू किया कि मजबूरन सदन को उनको निष्कासित करना पड़ा है। जब सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो फिर ये (विपक्ष) सदन को क्यों नहीं चलने दे रहे।’
- 01:25 PM,Jul 24 2023मणिपुर हिंसा को लेकर कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने BJP पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह से सत्तारूढ़ दल ने पिछले सत्र में आचरण किया, सदन जैसे ही शुरू होता था मंत्रीगण इशारा करके व्यवधान डालते थे। इस बार जब पूरा सदन मांग कर रहा है कि आप 267 के तहत चर्चा कराएं क्योंकि उसके व्यापक अधिकार हैं। व्यापक संभावनाएं हैं। विपक्ष की आवाज को सुना जाना चाहिए। अगर साहस है तो मेरी नोटिस है कराओ चर्चा। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल क्या छिपाना चाहता है।




