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भारत तरक्‍की कर रहा, चीन बूढ़ा हो रहा… सिंगापुर के पीएम ने मोदी सरकार की क्‍यों तारीफ की?

सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने भारत के विकास को लेकर मोदी सरकार की जमकर तारीफ की है। उन्होंने भारत को दुनिया की युवा शक्ति और चीन की बूढ़ी होती आबादी को लेकर भी बयान दिया है। ली सीन लूंग ने कहा कि पीएम मोदी अपने आर्थिक सुधारों और डिजिटलाइजेशन के जरिए देश को तेजी से विकास के रास्ते पर चला रहे हैं। सिंगापुर को परंपरागत रूप से चीन का करीबी देश माना जाता है, इसके बावजूद इस देश में भारतीय मूल के राजनेताओं और व्यापारियों का काफी दबदबा है। सिंगापुर की पूर्व राष्ट्रपति हलीमा याकूब भारतीय मूल की राजनेता थीं। वर्तमान राष्ट्रपति थर्मन शनमुगरत्नम भी भारतीय मूल के ही हैं।

Lee Hsien Loong

भारत को लेकर क्या बोले सिंगापुर के पीएम

8 नवंबर को ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम गाला डिनर में सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने ब्लूमबर्ग के प्रधान संपादक जॉन मिकलेथवेट के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि मुझे लगता है कि भारत तेजी से बढ़ रहा है। पिछले साल, वे दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते देशों में से एक थे। पीएम मोदी अपने आर्थिक सुधारों और डिजिटलीकरण की दिशा में भारत को एक और स्तर ऊपर ले जाने के अपने अभियान के साथ प्रगति कर रहे हैं। लेकिन इसमें एक दिक्कत है, क्योंकि भारतीय अर्थव्यवस्था चीन के मुकाबले लगभग पांचवा हिस्सा है। भारत की आबादी युवा है और अभी भी बढ़ रही है। यह चीन की आबादी के विपरीत है, जो पुरानी है और पहले से ही स्थिर है और अब तो कम होने लगी है।

भारत से अधिक से अधिक लाभ उठाने को कहा

ली सीन लूंग ने कहा कि भारत को इसका अधिकतम लाभ उठाना होगा और उन्हें पूर्वी एशिया, दक्षिण पूर्व एशिया और व्यापक दुनिया को प्रभावित करने के लिए उपमहाद्वीप से परे अपनी पहुंच बढ़ानी होगी। मुझे लगता है कि आप देख सकते हैं कि वे क्वाड के साथ ऐसा करना शुरू कर रहे हैं। लेकिन मुझे नहीं लगता कि उन्होंने उपमहाद्वीप से परे व्यापक प्रभाव बढ़ाने में उतने संसाधन लगाए हैं।

भारत की तुलना चीन से की

सिंगापुर के राष्ट्रपति ने भारत की तुलना चीन से करते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता है कि भारतीय रणनीति चीनी सिस्टम का मुकाबला करने वाली है। उदाहरण के लिए अगर चीन बेल्ट एंड रोड बनाने का निर्णय लेता है तो मुझे नहीं लगता है कि भारत यह कहने में सक्षम होगा कि “”ठीक है, हम भी बुनियादी ढांचे में निवेश करना चाहते हैं” और फिर अचानक आप देखेंगे कि पूरे क्षेत्र में बंदरगाह, सड़कें, हवाई अड्डे, रेल लाइनें बननी शुरू हो गई हैं- जो अच्छे के लिए है और शायद बुरे के लिए भी।

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