पर्दे पर पहले बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की मां भीमाबाई सकपाल का किरदार निभा चुकीं एक्ट्रेस नेहा जोशी इन दिनों टीवी शो ‘अटल’ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मां कृष्णा देवी की भूमिका के लिए चर्चा में हैं। नेहा जोशी ने कई मराठी फिल्मों और टीवी सीरियलों में काम किया है। वह अजय देवगन और तब्बू स्टारर ‘दृश्यम 2’ में भी नजर आई थीं। फिल्म में जेनी के रोल में नेहा जोशी को खूब पसंद किया गया था। नेहा जोशी ने ‘नवभारत टाइम्स’ से एक्सक्लूसिव बातचीत में नए शो ‘अटल’ के बारे में बात की। साथ ही यह भी बताया कि वह छोटे पर्दे पर ज्यादातर महान हस्तियों की मां के किरदार क्यों चुन रही हैं।
‘एक सशक्त महिला को अपना मकसद, अपनी मंजिल हमेशा पता होती है। वह चाहे काम हो, परिवार को संभालना हो या बच्चों की परवरिश, उन्हें पता होता है कि उन्हें अपने लक्ष्य को कैसे पाना है। उस रास्ते में उन्हें हार भी देखनी पड़े तो वे निराश नहीं होती, क्योंकि हार को कुबूल करने वाला बहुत ही ताकतवर होता है।’ एक सशक्त महिला को कुछ इस तरह परिभाषित करती हैं, एक्ट्रेस नेहा जोशी, जो इन दिनों टीवी शो ‘अटल’ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मां कृष्णा देवी का रोल प्ले कर रही हैं। इससे पहले उन्होंने भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की मां भीमाबाई सकपाल का किरदार निभाया था।

‘बात रखने के लिए आवाज ऊंची करना जरूरी नहीं’
पर्दे पर एक के बाद एक इन महान हस्तियों की मां का रोल चुनने की वजह पूछने पर नेहा कहती हैं, ‘मैं इस तरह नहीं सोचती हूं कि ये मां के रोल हैं। मैंने बेशक एक महानायक: बीआर आंबेडकर, दूसरी मां और अब अटल में मां का रोल निभाया है। यही नहीं, इससे पहले भी एक मराठी फिल्म में मैंने मां का रोल किया था, लेकिन मेरे लिए ये अलग-अलग औरतें हैं। अलग-अलग किरदार हैं। सिर्फ मां नहीं हैं। भीमाबाई, यशोदा, कृष्णा देवी, ये तीनों ही औरतें एक दूसरे से बहुत ही अलग हैं। जैसे, कृष्णा देवी अपने समय की सबसे पढ़ी लिखी औरत थीं। आप सोचिए, सवा सौ साल पहले एक औरत का सातवीं-आठवीं पास होना भी बहुत बड़ी बात थी, तो उनकी। फिर उनके पति भी अंग्रेज सरकार की नौकरी में थे तो यह मजबूरी भी वह समझती थीं, लेकिन अपने बच्चों को उन्होंने सही गलत का फर्क समझाया। उन्हें सही चीज का चुनाव करने लायक बनाया।’