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शादीशुदा जोड़े का अलग-अलग बेडरूम! कैमरन डियाज का इसे सामान्य बताना कितना सामान्य?

जाने कितने लड़के और लड़कियों ने उनसे सीखा है कि फ्लर्ट कैसे करते हैं। उनकी ‘इन हर’ मूवी में भी ये दिखा। याद है न कि उसमें शादी के बारे में भी कुछ है? इसीलिए कैमरन डियाज जब इस पर बात करती हैं कि रिश्तों को कैसे संभाले तो दुनियाभर में उनकी बात ध्यान से सुनी जाती है। उनका हालिया प्रेम ज्ञान है शादीशुदा जोड़े के अलग-अलग बेडरूम को ‘सामान्य’ बात समझना।

कभी होता था ऐसा
एक जमाना था जब सिर्फ राजा-महाराजा और बहुत अमीर लोगों के पास ही अपना खुद का शयनकक्ष होता था। तब भी वे उसका इस्तेमाल लोगों से मिलने-जुलने के लिए भी करते थे। लेकिन आधुनिकता ने हम सभी के लिए अंतरंगता और निजता का एक खास पवित्र जोन दे दिया है। जैसा कि मशहूर प्रेम कवि जॉन डन भी फटकारते है, ‘बेचैन बूढ़े मूर्ख सूरज, तू खिड़कियों और पर्दों से हमें क्यों जगाता है?’

आज का नींद का विज्ञान
डियाज के विचार तो आधुनिक से भी आधुनिकतम युग के हैं। कपल के अलग-अलग बेडरूम में सोने के पीछे के तर्क को बताते हैं। यह और ज्यादा आत्मबोध और ‘भावनात्मक नियंत्रण’ के बारे में है।

कल का खुला आकाश
साफ-साफ कहा जाए तो यह अंतरंगता के वैकल्पिक साधन की निंदा नहीं है। किसी एक कपल के लिए साझा बेडरूम उनके रिश्तों की गहराई और प्रगाढ़ता का साधन हो सकता है लेकिन किसी दूसरे के कपल के लिए भी ऐसा ही हो, जरूरी नहीं। यह ससुराल वालों या किसी अन्य के जरिए तय होने के बजाय अपने लिए, अपनी सहूलियत के लिए सबसे अच्छे विकल्प चुनने से जुड़ा है।

महामारी ने निश्चित तौर पर तमाम बेडरूम को और बड़ा बना दिया है जहां वर्क फ्रॉम होम में आप ऑफिस का काम भी करते होंगे। लेकिन अब भी एक सफल विवाह के लिए बेडरूम की पहले जैसी ही अहमियत बनी हुई है।

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