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लोकतंत्र में ये रवैया ठीक नहीं’ नीतीश के बीजेपी संग जाने पर अरविंद केजरीवाल ने तोड़ी चुप्पी

बिहार में बदले सियासी घटनाक्रम और नीतीश कुमार के पलटीमार अंदाज को लेकर अरविंद केजरीवाल ने रिएक्ट किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री और AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीतीश कुमार के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार के सीएम ने गलत किया। ऐसा आचरण लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्हें बीजेपी के साथ नहीं जाना चाहिए था। नीतीश कुमार ने रविवार आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन सरकार से नाता तोड़ लिया। फिर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन के साथ नई सरकार बनाई।

नीतीश कुमार ने गलत किया’

28 जनवरी को नीतीश कुमार ने नौवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने एनडीए के साथ मिलकर नई सरकार का गठन किया। नीतीश के अचानक लिए गए इस फैसले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने टिप्पणी की। उन्होंने नीतीश कुमार को आड़े हाथ लिया। आम आदमी पार्टी के संयोजक ने कहा कि नीतीश कुमार ने ‘गलत’ किया। लोकतंत्र में यह आचरण सही नहीं कहा जा सकता।

केजरीवाल बोले- इससे एनडीए को भारी नुकसान होगा

केजरीवाल ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि नीतीश कुमार ने जो किया वह गलत है। उन्हें बीजेपी के साथ नहीं जाना चाहिए था। ऐसा आचरण लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है। मेरी समझ के अनुसार, इससे एनडीए को भारी नुकसान होगा। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को झटका लगेगा और INDI अलायंस को इससे फायदा होगा।

नीतीश ने ही शुरू की थी विपक्ष को एकजुट करने की कवायद

दरअसल, नीतीश कुमार ने ही इंडिया गठबंधन को लेकर कवायद शुरू की थी। उन्होंने पिछले साल मई में अरविंद केजरीवाल से इसे लेकर मुलाकात भी की थी। उस समय नीतीश की योजना देशभर के विपक्षी नेताओं को एकजुट करने की थी। हालांकि, अब लोकसभा चुनाव से चंद महीने पहले उन्होंने ही एनडीए खेमा ज्वाइन कर लिया।

पंजाब-दिल्ली में सीट बंटवारे पर AAP कांग्रेस में फंसा पेच

अरविंद केजरीवाल का ये कमेंट ऐसे समय में आया जब आप और कांग्रेस, दिल्ली और पंजाब में लोकसभा सीटों के बंटवारे को लेकर आमने-सामने हैं। यही नहीं इंडिया गठबंधन में शामिल पार्टियां अब तक एकजुट नजर नहीं आ रहीं। इसी का असर है कि नवंबर में विधानसभा चुनाव के दौरान तीन हिंदी भाषी राज्यों राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज की। तीन राज्यों के नतीजों और राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद ही नीतीश कुमार का मन इंडिया अलायंस से अलग हो गया। इसकी एक वजह इंडी गठबंधन में उनकी अनदेखी थी।

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