आदित्य-एल1 ने सौर उद्गमों पर पहली महत्वपूर्ण खोज की.
भारत का पहला सूर्य मिशन, आदित्य-एल1 ने सूर्य के बारे में एक महत्वपूर्ण खोज की है।
इस मिशन के VELC उपकरण ने पहली बार सूर्य से निकलने वाले कोरोनल मास इजेक्शन (CME) को देखा है।
कोरोनल मास इजेक्शन सूर्य से निकलने वाले विशाल प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र के बादल होते हैं। ये पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित कर सकते हैं और धरती पर संचार व्यवस्था को बाधित कर सकते हैं।
आदित्य-एल1 के VELC उपकरण ने इस CME को बहुत ही विस्तार से देखा है। इस डेटा से वैज्ञानिकों को सूर्य के बारे में कई नई जानकारियां मिलेंगी। इससे सूर्य के मौसम का पूर्वानुमान लगाना आसान हो जाएगा और हम पृथ्वी को सूर्य के खतरनाक प्रभावों से बचाने के लिए बेहतर तैयार हो सकेंगे।
यह खोज भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। आदित्य-एल1 मिशन सूर्य के बारे में हमारे ज्ञान को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्य बिंदु:
- आदित्य-एल1 ने पहली बार सूर्य से निकलने वाले CME को देखा
- CME सूर्य से निकलने वाले विशाल प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्र के बादल होते हैं
- इस खोज से सूर्य के मौसम का पूर्वानुमान लगाना आसान होगा
- यह इसरो के लिए एक बड़ी उपलब्धि है



