Crime
जम्मू: रोहिंग्या शरणार्थियों को कमरा किराए पर देने वाले मकान मालिकों पर मामला दर्ज.
जम्मू: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जम्मू जिले में रोहिंग्या शरणार्थियों को बिना पुलिस सत्यापन के किराए पर कमरे देने वाले मकान मालिकों पर कार्रवाई की है।
यह शरणार्थी 2017 में म्यांमार में उत्पीड़न के बाद जम्मू में आकर बसे थे।
पुलिस ने 18 मामले दर्ज किए
- जम्मू पुलिस ने रोहिंग्या शरणार्थियों और मकान मालिकों के खिलाफ 18 एफआईआर दर्ज की हैं।
- इनमें से 15 मामले छन्नी हिमत और त्रिकुटा नगर थानों में दर्ज किए गए हैं।
- तीन अन्य मामले सतरवारी और गंग्याल थानों में दर्ज किए गए हैं।
चार रोहिंग्या हिरासत में
- पुलिस ने विदेशी अधिनियम के तहत चार रोहिंग्या शरणार्थियों को हिरासत में लिया है।
- हिरासत में लिए गए लोगों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं।
मकान मालिकों की जवाबदेही
- जम्मू साउथ के एसपी अजय शर्मा ने कहा, “जो मकान मालिक बिना पुलिस सत्यापन के किरायेदार रखते हैं, वे भी अपराध के लिए जिम्मेदार होते हैं।”
- कई मकान मालिकों के खिलाफ भी केस दर्ज किए गए हैं।
कर्मचारियों के लिए सत्यापन अनिवार्य
- पुलिस ने दुकानदारों को निर्देश दिया है कि वे अपने कर्मचारियों का सत्यापन जरूर कराएं।
- यह नियम रोहिंग्या शरणार्थियों और अन्य जिलों से आए प्रवासियों पर लागू होता है।
सुरक्षा जोखिम के चलते कार्रवाई
- पुलिस ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थियों की जांच सुरक्षा जोखिमों को कम करने के लिए की जा रही है।
- जम्मू में सिविल प्रशासन भी इस कार्रवाई में पुलिस का सहयोग कर रहा है।
किरयानी तालाब क्षेत्र में रोहिंग्या
- जम्मू के त्रिकुटा नगर थाना क्षेत्र के तहत किरयानी तालाब में बड़ी संख्या में रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं।
- इनमें से अधिकांश के पास शरणार्थी कार्ड हैं।
पिछले कुछ समय में बढ़ी कार्रवाई
- जम्मू पुलिस ने रोहिंग्या शरणार्थियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई तेज कर दी है।
- मकान मालिकों और अन्य नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम
- पुलिस सत्यापन प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि कोई शरणार्थी या किरायेदार आपराधिक या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल न हो।
- मकान मालिकों को इसके प्रति सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
नियमों का पालन जरूरी
- पुलिस ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे किरायेदार रखने से पहले अनिवार्य सत्यापन कराएं।
स्थिति पर पुलिस की नजर
- प्रशासन का उद्देश्य रोहिंग्या शरणार्थियों से जुड़े सुरक्षा खतरों को कम करना है।
- पुलिस और सिविल प्रशासन मिलकर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।


