उन्होंने संभल और बांग्लादेश में हाल ही में हुई हिंसा की तुलना 500 साल पहले अयोध्या मंदिर विध्वंस से की।
मुख्य बिंदु:
योगी का बयान:
समाज में विभाजन:
उन्होंने कहा कि जो लोग हमारे समाज में फूट डालते हैं, उनके वंशज अभी भी यहां मौजूद हैं और समाज को जाति के नाम पर बांट रहे हैं।
देश की एकता पर खतरा:
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी, “कुछ ताकतें ऐसी हैं जो आपको घायल करने और देश की एकता को नुकसान पहुंचाने के लिए तैयार हैं।”
पड़ोसी देश का उल्लेख:
रामायण मेला:
यह कार्यक्रम अयोध्या में रामायण की संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया।
विपक्ष की प्रतिक्रिया:
योगी आदित्यनाथ की इस टिप्पणी पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री समाज में ध्रुवीकरण करने की कोशिश कर रहे हैं।
आलोचनाएं:
मुख्यमंत्री के बयान को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों ने चिंता व्यक्त की है।
कई लोगों ने इसे सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने वाला बयान बताया।
सरकार की स्थिति:
योगी सरकार ने इस बयान को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संदर्भ में दिया गया तर्क बताते हुए बचाव किया।



