इस विफलता के कारण ही यात्री ट्रेन खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई, जिससे आठ लोगों की मौत हो गई थी। यह प्राथमिक रिपोर्ट मानवीय गलती (Human Error) की ओर इशारा कर रही है।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि मालगाड़ी का ब्रेक वैन (Brake Van) पूरी तरह से पलट गया और यात्री ट्रेन का आधा मोटर कोच (Motor Coach) या इंजन मालगाड़ी के एक वैगन (Wagon) पर चढ़ गया। यह क्षति का भयावह दृश्य टक्कर की तीव्रता को दर्शाता है। जाँचकर्ता अब इस बात की गहनता से जाँच कर रहे हैं कि रेड सिग्नल होने के बावजूद ट्रेन क्यों नहीं रुकी और सिग्नलिंग प्रणाली में कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है और चालक दल को निलंबित कर दिया गया है। विस्तृत जाँच अभी भी जारी है, जिसमें ट्रेन के रिकॉर्डर और संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यह घटना एक बार फिर भारतीय रेलवे में सुरक्षा प्रोटोकॉल के सख्ती से पालन और चालकों के प्रशिक्षण की तत्काल आवश्यकता को उजागर करती है।


