कोडरमा–बरकाकाना रेल लाइन परियोजना को यात्रियों के लिए अहम माना गया था। इस परियोजना से ट्रेनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद थी। रेल यातायात को सुगम बनाने का दावा किया गया था। लेकिन अब तक ये सभी बातें कागजों तक सीमित हैं। यात्रियों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पाया है।
झारखंड रेल यूजर एसोसिएशन ने बताया कि परियोजना की टाइमलाइन कई बार बदली गई। टेंडर जारी करने की तारीखें आगे बढ़ती रहीं। दिसंबर बीत गया लेकिन टेंडर नहीं निकला। अब फिर नई तारीख बताई जा रही है। इससे यात्रियों में नाराजगी बढ़ रही है।
एसोसिएशन का कहना है कि यात्रियों को बहाने नहीं चाहिए। उन्हें बेहतर सुविधाएं और समय पर काम चाहिए। अगर यही स्थिति रही तो यह परियोजना वर्षों तक लटकी रह सकती है। इससे आम जनता को ही नुकसान होगा।



