नक्सल हिंसा ने झारखंड में कई परिवारों को गहरा जख्म दिया है। सरकार ने ऐसे परिवारों के लिए सहायता का कदम उठाया है। गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने आदेश जारी किया है। इस आदेश से पीड़ित परिवारों को राहत मिलेगी। चार जिलों के आश्रितों को सहायता राशि दी जाएगी। यह राशि एक लाख रुपये प्रति परिवार होगी। लंबे समय से मदद की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को अब सहारा मिलेगा। सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए निर्णय लिया है। इससे भरोसा बढ़ा है। पीड़ित परिवारों में उम्मीद जगी है।
चतरा जिले में वर्ष 2020 की घटना में मारे गए अक्षय कुमार के परिवार को सहायता मिलेगी। उनकी पत्नी चंचला देवी को यह राशि दी जाएगी। लातेहार में 2023 की घटना में जान गंवाने वाले देवकुमार प्रजापति की पत्नी कालेश्वरी देवी को भी लाभ मिलेगा। हजारीबाग जिले की घटना में कैलाश राणा की पत्नी पुष्पा देवी को सहायता मिलेगी। चाईबासा में 2024 की घटना में मारे गए चिरु सिरका की पत्नी कुंती को भी राशि दी जाएगी। सभी परिवारों ने कठिन समय झेला है। आर्थिक संकट ने उनकी परेशानी बढ़ाई थी। यह मदद उनके लिए राहत बनेगी। सरकार ने सभी मामलों की पुष्टि की है। आदेश लागू कर दिया गया है।
राज्य सरकार का कहना है कि पीड़ित परिवारों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। नक्सल हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। यह सहायता राशि केवल आर्थिक मदद है। लेकिन इससे परिवारों को आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। प्रशासन को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। भविष्य में भी ऐसे मामलों में तत्परता दिखाई जाएगी। यह फैसला सामाजिक संवेदनशीलता का प्रतीक है। पीड़ित परिवारों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्हें न्याय की उम्मीद है। यह कदम भरोसा मजबूत करता है।


