ठाकुर यादव का नाम बिहार के कुख्यात अपराधियों में शुमार है। वह लंबे समय से अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा। उसके खिलाफ कई संगीन मामले दर्ज हैं। पुलिस की सूची में वह टॉप वांछित अपराधियों में शामिल था। बिहार एसटीएफ को उसकी तलाश थी। गिरफ्तारी झारखंड के रामगढ़ जिले से हुई है। यह कार्रवाई बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। अपराधियों में भय का माहौल है। जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
भोजपुर जिले का कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र उसका मुख्य इलाका रहा है। यहीं से उसने अपराध का नेटवर्क खड़ा किया। हत्या और अपहरण जैसे मामले दर्ज हैं। रंगदारी वसूली उसका प्रमुख धंधा था। सरैया बाजार मॉल में हुई फायरिंग ने उसे सुर्खियों में ला दिया। इस केस के बाद वह फरार हो गया। करीब एक साल तक पुलिस को चकमा देता रहा। कई राज्यों में छिपने की जानकारी सामने आई। अंत में वह झारखंड पहुंच गया। वहीं से उसकी गिरफ्तारी हुई।
एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर रणनीति बनाई गई। टीम ने बिना देरी कार्रवाई की। रामगढ़ में छापेमारी की गई। आरोपी को सुरक्षित हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान कई खुलासे होने की संभावना है। पुलिस उसके गिरोह पर नजर रखे हुए है। अन्य अपराधियों की पहचान की जाएगी। जल्द उसे बिहार ले जाया जाएगा। कानून के तहत आगे की कार्रवाई होगी।


