राज्य में अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए अपराधी फरार हो रहे हैं। यह स्थिति कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। प्रशासनिक ढांचे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
पाकुड़ कोर्ट से सजा के बाद दोषियों का भाग जाना बड़ी चूक थी। अदालत परिसर में मौजूद सुरक्षा कर्मी असहाय दिखे। हजारीबाग जेल से कैदियों का दीवार फांदकर भागना और भी गंभीर मामला है। यह जेल राज्य की सबसे सुरक्षित जेलों में गिनी जाती है। इसके बावजूद कैदी फरार हो गए।
जमशेदपुर थाना से आरोपी का भागना पुलिस लापरवाही दर्शाता है। हालांकि बाद में आरोपी पकड़ा गया। लेकिन यह घटना भी कम गंभीर नहीं है। जानकारों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की समीक्षा जरूरी है। सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग तेज हो गई है।


