गोड्डा में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने कठोर रुख अपनाया। तीन दोषियों को आजीवन कारावास दिया गया। घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम थी। अपराध बेहद गंभीर था।
पुलिस ने मामले में तेजी से जांच पूरी की। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया गया। कोर्ट में मजबूत साक्ष्य पेश किए गए। गवाहों के बयान अहम साबित हुए। अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूती से रखा।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि ऐसे अपराध अस्वीकार्य हैं। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। सख्त सजा से अपराध पर रोक लगेगी। कोर्ट के फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय मिला। समाज में कानून का डर मजबूत हुआ।


