झारखंड पुलिस के सामने इस समय बड़ी चुनौती खड़ी है। राज्य में 87 मोस्ट वांटेड अपराधी फरार हैं। ये अपराधी अलग-अलग जिलों में सक्रिय बताए गए हैं। पुलिस ने इनकी सूची और तस्वीरें जारी की हैं। आम जनता से सहयोग की अपील की गई है। पुलिस का कहना है कि सूचना से बड़ी मदद मिलेगी। कई अपराधी लंबे समय से पकड़ से बाहर हैं। उन्होंने ठिकाने बदल लिए हैं। पुलिस लगातार अभियान चला रही है। दबाव बढ़ाया जा रहा है।
इन अपराधियों पर हत्या और रंगदारी जैसे संगीन आरोप हैं। डकैती और लूट के मामले भी दर्ज हैं। कई आरोपी हथियारों का इस्तेमाल करते रहे हैं। आर्म्स एक्ट के तहत केस लंबित हैं। अपराधी झारखंड के साथ अन्य राज्यों में भी सक्रिय हैं। बिहार और पश्चिम बंगाल में इनके नेटवर्क हैं। पुलिस ने अंतरराज्यीय सहयोग बढ़ाया है। सीमाओं पर निगरानी तेज की गई है। हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सतर्क बनी हुई है।
रांची, जमशेदपुर और हजारीबाग पुलिस के मुख्य फोकस में हैं। चाईबासा और देवघर भी अहम जिले हैं। अन्य जिलों में भी तलाश जारी है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी दें। सूचना देने वालों को सुरक्षा का भरोसा दिया गया है। पुलिस जल्द परिणाम सामने लाने का दावा कर रही है। अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है। कानून व्यवस्था मजबूत की जाएगी। राज्य में शांति लक्ष्य है।


