इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किशोरी घर के पास से ही लापता हुई थी। इतने दिनों तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। इससे चिंता बढ़ी है।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस उपाय जरूरी हैं। पहाड़ी और जंगली इलाकों में निगरानी की कमी है। ऐसी घटनाएं भय का माहौल बनाती हैं। प्रशासन से जवाबदेही की मांग उठ रही है।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहराई से जांच होगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीणों को सहयोग करने की अपील की गई है। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इस पर जोर है।


