पूर्व बसपा सांसद अकबर अहमद डंपी को हाईकोर्ट से राहत, 24 साल पुराने केस में गिरफ्तारी पर लगाई रोक

24 साल पहले दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. यह मामला साल 1988 का है. उस वक्त आजमगढ़ के अंबारी पुलिस चौकी के पास सपा प्रत्याशी रहे रमाकांत यादव और बसपा प्रत्याशी रहे अकबर अहमद डंपी के बीच गोलीबारी हुई थी.
Allahabad High Court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने पूर्व बसपा सांसद अकबर अहमद डंपी को बड़ी राहत दी है. 24 साल पहले दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है. यह मामला साल 1988 का है. उस वक्त आजमगढ़ के अंबारी पुलिस चौकी के पास सपा प्रत्याशी रहे रमाकांत यादव और बसपा प्रत्याशी रहे अकबर अहमद डंपी के बीच गोलीबारी हुई थी. मामले में पुलिस की तरफ से दोनों नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई थी.
1988 में बाहुबली रमाकांत यादव गुट से हुआ था गैंगवॉर
बसपा के पूर्व सांसद अकबर अहमद डंपी पर दर्ज इसी मुकदमे की बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने वकील की दलीलों को सुनने के बाद डंपी की अग्रिम जमानत की याचिका मंजूर कर ली. इसी के साथ 1998 में हुए गोलीबारी वाले कांड में डंपी की गिरफ्तारी पर रोक लग गई. बता दें कि अकबर अहमद डंपी ने 1998 में लोकसभा का चुनाव आजमगढ़ संसदीय सीट से लड़ा था. उस समय वर्चस्व की जंग में बीएसपी उम्मीदवार डंपी और सपा प्रत्याशी बाहुबली रमाकांत यादव के बीच मतदान को लेकर जमकर फायरिंग हुई थी.
विवादों में रहता है नाम
आजमगढ़ के फूलपुर थानाक्षेत्र के अंबारी चौक इलाके में हुए इस गैंगवॉर की चर्चा आज भी होती है. इस मामले में अकबर अहमद डंपी के खिलाफ कुछ दिन पहले वारंट जारी हुआ था. डंपी ने आजमगढ़ की एमपी एमएलए कोर्ट कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की थी. मगर वह अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी थी. इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी. अकबर अहमद डंपी अपने विवादास्पद बयानों के लिए जाने जाते हैं. वे दो बार बसपा के टिकट पर सांसद भी रह चुके हैं.
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