जेपीएससी को शिक्षा विभाग की ओर से लिखा पत्र तीन हजार से ज्यादा पदों में होगी नियुक्ति

राज्य में कुल कुल 13 हजार मिडिल स्कूल है. जिनमें मिडिल स्कूलों में ही प्रधानाध्यापक के पद 3296 सृजित है. जिसमें 89 हेड- मास्टर कार्यरत हैं. और स्कूलों में प्रभार की सहायता से काम लिया जा रहा है. स्कूलों में शिक्षकों की कमी है. ऊपर से अधिकांश शिक्षक प्राचार्य का प्रभार मिलने से ऑफिशियल के कामों में लगे रह जाते हैं. ऐसे में पढ़ाई पर पूरी कमी असर पड़ रहा है. शिक्षा विभाग के मुताबिक साल 2006 में मिडिल और प्राइमरी स्कूलों के लिए प्राचार्यो की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी. पर किसी कारणवश यह नियुक्ति नहीं हो पाई.
पद सृजित नहीं होने की वजह से प्रभारी प्राचार्य चला रहे स्कूल
सरकारी स्कूलों के एडमिनिस्ट्रेशन के काम देखने के लिए प्राचार्य के पद हैं. लेकिन प्राथमिक-माध्यमिक स्कूलों में प्राचार्यों के 90 फीसदी पद रिक्त हैं. ऐसा इसलिए भी है कि अरसे से अपग्रेड किए गए स्कूलों के लिए प्राचार्य के पद सृजित किए ही नहीं गए हैं। सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्रत्येक उत्क्रमित स्कूल में 3 संविदा आधारित पदों का सृजन किया गया है. इन पर पारा शिक्षक कार्यरत है. राज्य के 10 जिले हैं. जहां प्रधानाध्यापक के कुल 711 पद स्वीकृत है.



