मलबे के ढेर, जंग का साया, तड़पते भूख से लोग… सीरिया के वॉर जॉन में भूकंप पीड़ितों को नहीं पहुंच पा रही मदद

सीरिया 12 साल से चल रहे संघर्ष के चलते टूट चुका है. ईरान और रूस समर्थित राष्ट्रपति बशर अल असद ने देश के अधिकांश हिस्सों पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है. हालांकि विद्रोहियों और तुर्की समर्थित लड़ाकू ने उत्तर-पश्चिम अल्लाह को पर नियंत्रण कर रखा है. सरिया में विद्रोहियों के कब्जे वाला इलाका भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. सरकार नियंत्रित इलाके में भी भूकंप से तबाही हुई है, और लोगों ने अपनी जान गंवाई है.
6 फरवरी को आए भूकंप ने तुर्की के साथ साथ सीरिया में भारी तबाही मचाई है. अब तक 3600 लोगों की मौत हो चुकी है. हर तरफ मलबे के ढेर नजर आ रहे हैं. अभी भी सीरिया में कई ऐसे इलाके हैं जहां जहां भूकंप के 8 दिन बाद भी राहत और मदद नहीं पहुंच पाई है. ऐसे में भूकंप प्रभावित लोग खाने तक के लिए तड़प रहे हैं. लोगों के अपने उनके सामने मलबे में दबे दबे जान गंवा रहे हैं, लेकिन वे चाहकर भी कुछ नहीं करपा रहे हैं. इन सबके पीछे सीरिया के गृहयुद्ध को ही मुख्य वजह माना जा रहा है.
सीरिया में पिछले 12 साल से गृहयुद्ध चल रहा है. ऐसे में यहां रेस्क्यू अभियानों में काफी दिक्कतें हो रही है. गृहयुद्ध के चलते क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियां भी कई गुटों में बटी हैं. ऐसे में जो देश या संगठन सीरिया की मदद के लिए आगे आए हैं, उनके लिए भी राहत पहुंचाना आसान नहीं है. आईए जानते हैं सीरिया के वॉर जोन में भूकंप पीड़ितों को कैसे राहत पहुंचाई जा रही है और इसमें क्या क्या दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.



