मध्यप्रदेश वाला फार्मूला लागू हुआ तो राजस्थान में इन्हें बनाया जा सकता है मंत्री, समझ लीजिए सियासी गणित
जयपुर : राजस्थान में बीजेपी के नए मंत्रिमंडल की 27 दिसंबर को घोषणा होने की संभावना है। उधर, मध्य प्रदेश में बीजेपी ने चुनाव जीतकर विधायक बने 4 सांसदों को मंत्रिमंडल में शामिल किया हैं। इसके बाद राजस्थान में भी यहीं सियासी अटकलें शुरू हो गई है। यदि राजस्थान में भी मध्य प्रदेश वाला फार्मूला लागू हुआ तो राजस्थान में भी चुनाव जीतने वाले सांसदों का मंत्री बनना तय है। बता दें कि साल 2023 में हुए विधान चुनाव में बीजेपी ने हिंदी पट्टी के तीनों बड़े राज्यों में सांसदों को फौज उतारी थी, जिसमें कई ने जीत हासिल की। हालांकि कुछ सांसदों को हार का सामना भी करना पड़ा। जानते हैं ऐसे कौन से सांसद हैं, जो नए मंत्रिमंडल में शपथ ले सकते हैं।
राजस्थान के साथ मध्य प्रदेश में भी बीजेपी का मंत्रिमंडल गठित में देरी होने को लेकर जमकर चर्चा रही। हालांकि अब बीजेपी ने मध्य प्रदेश के मंत्रिमंडल की घोषणा कर दी है। लेकिन इसमें जो फार्मूला सामने आया है। उसमें जिन सांसदों को मध्य प्रदेश में पार्टी ने चुनाव लड़ाया और जो जीते हैं। उनमें से चार सांसदों को बड़ी सौगात मिली है। इनमें तीन सांसद प्रहलाद पटेल, राकेश सिंह और उदय प्रताप सिंह को मंत्री बनाया गया है। जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है।
सांसद से विधायक का चुनाव जीतने वाले किरोड़ी लाल मीणा को एमपी वाले फार्मूले तहत मंत्री बनाया जा सकता है। किरोड़ी लाल मीणा राजस्थान सरकार में कई बार कैबिनेट मंत्री, लोकसभा सांसद और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। इसके अलावा वर्तमान में दौसा से राज्यसभा सांसद का पद छोड़कर उन्होंने सवाई माधोपुर से चुनाव लड़ा। जहां उन्होंने चुनाव जीता। हाल ही में उन्हें विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर कालीचरण सराफ के सहयोगी तौर पर नियुक्त किया है। किरोड़ी लाल बीजेपी के वरिष्ठ और दिग्गज नेता हैं। मीणा समाज को साधने के लिए बीजेपी उन्हें मंत्री बना सकती हैं।



