जामनगर: भारतीय वायुसेना का जगुआर फाइटर जेट बुधवार रात जामनगर IAF स्टेशन के पास क्रैश हो गया। ट्रेनिंग मिशन के दौरान हुए इस हादसे में एक पायलट सुरक्षित बच गया, जबकि दूसरा लापता है।
कैसे हुआ हादसा?
फाइटर जेट जामनगर शहर से 12 किमी दूर सुवर्दा गांव के पास गिरा।
विमान खुले खेत में क्रैश हुआ और आग लग गई।
जेट में सवार दो पायलटों में से एक ने समय रहते इजेक्ट कर लिया।
दूसरे पायलट का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।
जामनगर पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुटी।
पायलट की तलाश जारी
लापता पायलट को खोजने के लिए पुलिस और वायुसेना के जवान सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
रात में हादसे के कारण बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है।
स्थानीय लोगों ने धमाके की तेज आवाज सुनी और आग का गोला देखा।
IAF ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दिए हैं।
फिलहाल हादसे की वजह तकनीकी खराबी या किसी और कारण से हुई, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
IAF ने जारी किया बयान
भारतीय वायुसेना ने कहा कि हादसे की विस्तृत जांच की जाएगी।
IAF ने लापता पायलट की जल्द तलाश की उम्मीद जताई।
स्थानीय प्रशासन भी राहत और बचाव कार्य में मदद कर रहा है।
विमान क्रैश के कारण आसपास के खेतों में आग फैल गई थी, जिसे बुझा दिया गया है।
फाइटर जेट की दुर्घटना से आसपास के गांवों में दहशत फैल गई।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
IAF के जगुआर फाइटर जेट पहले भी हादसों का शिकार हो चुके हैं।
2021 में भी एक जगुआर विमान राजस्थान के बाड़मेर में क्रैश हुआ था।
जगुआर जेट का उपयोग भारतीय वायुसेना में 1979 से हो रहा है।
इन्हें मुख्य रूप से ग्राउंड अटैक और परमाणु हथियार ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है।
वायुसेना ने इन पुराने विमानों के रिप्लेसमेंट की योजना बनाई है।


