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उफनती नदी के बीच पेड़ बना सहारा, देखें 12 घंटे बाद कोल्हापुर के शख्‍स की कैसे बची जान

पश्चिमी महाराष्ट्र के कोल्हापुर और सांगली जिले की सीमा पर अजब वाकया हुआ। यहां उफनती वरना नदी के बीच स्थित एक पेड़ पर 50 साल का शख्‍स फंस गया। उसको करीब 12 घंटे से अधिक समय बाद शुक्रवार सुबह बचा लिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि कोल्हापुर आपदा मोचन दल (केडीआरएफ) के कर्मियों ने इस व्यक्ति को बचा लिया। दरअसल कोल्हापुर जिले में पिछले कुछ दिन से भारी बार‍िश हो रही है। इसके कारण पंचगंगा ओर वरना समेत कई नदियों में जलस्तर बढ़ गया है।

कोल्हापुर जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी प्रसाद सांकपाल ने कहा क‍ि व्यक्ति की पहचान सांगली के शिराला में लखेवाड़ी गांव के निवासी बजरंग खामकर के रूप में हुई है। खामकर गुरुवार रात करीब नौ बजे पुल से वरना नदी का जलस्तर देखने गया था। लेकिन उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नदी में गिर गया और पानी के तेज बहाव में बह गया।

उफनती नदी के बीच पेड़ पर फंसा
उन्होंने कहा क‍ि आज सुबह कुछ लोगों ने उसे उफनती नदी के बीच में एक पेड़ पर फंसा हुआ देखा और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी। उन्होंने बताया कि व्यक्ति को बचाने के लिए तुरंत केडीआरएफ को भेजा गया। सांकपाल ने कहा क‍ि टीम कमांडर कृष्णा सोर्ते, सुनील कांबले, शुभम काटकर, जीवन कुबड़े, श्रवण और सोमनाथ सुतार के नेतृत्व में बचाव दल ने सुबह करीब साढ़े दस बजे बचाव नौका का इस्तेमाल करके पेड़ पर फंसे खामकर को बचा लिया।

बार‍िश के चलते उफान पर हैं नद‍ियां
अधिकारियों ने कहा कि कोल्हापुर में पंचगंगा उफान पर है और नदी में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर 41.2 फीट पर पहुंच गया है। कोल्हापुर के जिला प्रभारी मंत्री दीपक केसरकर ने गुरुवार को कोल्हापुर का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि स्थिति में सुधार होने की संभावना है क्योंकि मौसम विभाग ने शुक्रवार को जिले के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी नहीं किया है और कर्नाटक के अलमाटी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है।

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