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जामताड़ा नहीं बनने दिया, कहीं इसलिए तो नहीं भड़की नूंह में हिंसा! साइबर क्रिमिनल्स का दूसरा सबसे बड़ा अड्डा!

हरियाणा के नूंह यानी मेवात से खौफनाक तस्वीरें आ रही हैं, कहीं गाड़ियां जलाई जा रही हैं तो कहीं उपद्रवी दंगा कर रहे हैं। पुलिस लगातार हालात काबू करने में लगी है। नूंह हिंसा को लेकर नई-नई थ्योरी सामने आ रही हैं, लेकिन क्या आपको पता करीब दो महीने पहले नूंह में क्रिमिनल्स के खिलाफ एक ऑपरेशन किया गया था। ये ऑपरेशन था एंटी साइबर क्रिमिनल्स। अभी हिंसा के दौरान एक साइबर थाना जलाने की खबर भी आईं। तो क्या ये हिंसा उसी ऑपरेशन का नतीजा तो नहीं था। कहीं नूंह का जामताड़ा गैंग बदला तो नहीं ल रहा।

नूंह हिंसा का साइबर कनेक्शन!

जामताड़ा गैंग वैसे तो पूरे देश में एक्टिव हो चुका है, लेकिन नूंह में जामताड़ा की ब्रांच कुछ ज्यादा ही आगे बढ़ गई थी। देश के कई राज्यों में इन्होंने ठगी का काम शुरू कर दिया था। क्राइम कहीं भी होता तार नूंह से जुड़े मिलते। साइबर क्रिमिनल्स का हब बन चुका था मेवात। अप्रैल महीने में पुलिस ने एक अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत हरियाणा पुलिस ने एक टीम बनाई और नूंह के उन गांवों की पहचान की गई जहां जामताड़ा गैंग काम कर रहा था।

2 महीने पहले नूंह में साइबर क्रिमिनल्स के खिलाफ हुई थी कार्रवाई

इस तरह के 40 गांव की लिस्ट बनी जहां छोटे-छोटे घरों में घुसकर साइबर ठगी चल रही थी। पूरे जिले में इस गैंग ने अपने पैर पसारे हुए थे। पुलिस की टीम ने इन 40 गांवों में चल रहे नेटवर्क को खत्म करने के लिए इन गांवों के 2 लाख सिम ब्लाक कर दिए। ये सारे सिम फर्जी नामों से लिए गए थे। दरअसल साइबर ठगी का सारा कारोबार नकली सिम पर ही टिका हुआ है। सिम ब्लॉक होने से ये लोग तिलमिलाने लगे।

खुद गृह मंत्री अमित शाह ने की थी इस ऑपरेशन की तारीफ

पुलिस ने रेड करके साइबर क्राइम कर रहे कई लोगों को गिरफ्तार भी किया। ये लोग ओलेक्स पर ठगी, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग, बैंक फ्रॉड, शॉपिंग के नाम ठगी जैसे तरीकों से लोगों को लूटते थे। इनके तार कई ऐसे क्राइम से जुड़े हुए थे जो दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान में हुए थे। सिम ब्लॉक करने के बाद इनका ठगी का सारा काम चौपट हो गया। ये पुलिस का एक सफल ऑपरेशन था। साइबर क्राइम सेमिनार में खुद गृह मंत्री अमित शाह ने इसकी तारीफ की थी, लेकिन अब नूंह की हिंसा के दौरान साइबर थाने में आग लगा देना इस बात का प्रमाण हो सकता है कि ये हिंसा उस ऑपरेशन के बदले की गई।

हिंसा के दौरान साइबर थाने में की गई तोड़फोड़

साइबर थाने में आग लगाने जो कोशिश हुई थी, थाने के अंदर तोड़फोड़ की गई थी। इस बात के तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए थे। ये माना जा रहा है कि वो साइबर क्रिमिनल्स के खिलाफ मौजूद सबूत नष्ट करने का तरीका था।

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