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चीन की नई चाल, बनाया त्वचा का रंग पहचानने वाला कैमरा, जान बूझकर यूरोप में बेच रहा

अमेरिका की इंटरनेट प्रोटोकॉल वीडियो मार्केट (आईपीवीएम) ने खुलासा किया है कि चीन अपने निगरानी उपकरणों के जरिए अब यूरोप में मानवाधिकार का हनन कर रहा है। इंटरनेट प्रोटोकॉल वीडियो मार्केट एक सिक्योरिटी एंड सर्विलांस इंडस्ट्री रिसर्च ग्रुप है। चीन की कंपनी दाहुआ यूरोपीय बाजारों में स्किन कलर एनालिटिक्स फीचर से लैस कैमरे बेच रही है। यह कैमरा इंसानों की त्वचा के रंग के उनकी पहचान कर सकता है। अभी तक इस तरह की टेक्नोलॉजी वाला कैमरा किसी देश में नहीं बेचा गया है। स्किन के रंग से किसी की पहचान करना रंगभेद माना जाता है, जो कई देशों में अपराध की श्रेणी में आता है।

चीनी कंपनी ने बचाव में क्या कहा

वॉयस ऑफ अमेरिका (वीओए) मंदारिन ने 31 जुलाई की आईपीवीएम की रिपोर्ट के आधार पर बताया है कि चीनी कंपनी दहुआ ने अपने कैमरे को स्मार्ट सुरक्षा समाधान की बुनियादी विशेषता वाला बताते हुए इसका बचाव किया है। वीओए अमेरिका का राज्य स्वामित्व वाला न्यूज नेटवर्क है और अंतरराष्ट्रीय रेडियो प्रसारक भी है। यह दुनिया भर में साझा की जाने वाली डिजिटल, टीवी और रेडियो सामग्री का निर्माण करता है।

उइगुरों की निगरानी के लिए पहले से हो रहा इस्तेमाल

फरवरी 2021 में आईपीवीएम और लॉस एंजिल्स टाइम्स ने बताया कि दाहुआ ने चीनी पुलिस को रियल टाइम पर उइगर मुस्लिमों के खिलाफ चेतावनी देने वाला एक वीडियो निगरानी प्रणाली प्रदान की थी। यह प्रणाली भौहों के आकार, त्वचा का रंग और जातीयता से उइगर लोगों की पहचान कर सकती थी। आईपीवीएम की 2018 की सांख्यिकीय रिपोर्ट से पता चलता है कि 2016 के बाद से, दहुआ और एक अन्य चीनी वीडियो निगरानी कंपनी,हिकविजन ने चीन के शिनजियांग प्रांत की सरकार से 1 बिलियन अमरीकी डालर के कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त किए है।

त्वचा की रंग से करता है इंसानों की पहचान

रिपोर्ट के अनुसार, मानव शरीर की विशेषताओं के लिए दहुआ के आईसीसी ओपन प्लेटफ़ॉर्म गाइड में त्वचा का रंग को शामिल किया है, जिसे दाहुआ “डेटा डिक्शनरी” कहता है। कंपनी का कहना है कि त्वचा के रंग के प्रकार जिन्हें जिन्हें दाहुआ कैमरे के एनालिटिक्स टारगेट करेंगे, वे पीले, काले और सफेज हैं। वीओए की रिपोर्ट के अनुसार, वीओए मंदारिन ने दहुआ की चीनी वेबसाइट पर इसकी पुष्टि की।

यूरोप में मानवाधिकार हनन की चिंता बढ़ी

आईपीवीएम की रिपोर्ट में कहा गया है कि दाहुआ तीन यूरोपीय देशों में स्किन कलर एनालिटिक्स फीचर वाले कैमरे बेच रहा है। जर्मनी, फ्रांस और नीदरलैंड्स में से प्रत्येक का हाल ही में नस्लीय तनाव का इतिहास रहा है। दहुआ ने कहा कि इसकी त्वचा टोन विश्लेषण क्षमता निगरानी प्रौद्योगिकी में एक आवश्यक तत्व है। कई पश्चिमी देशों में चेहरे की पहचान के लिए निगरानी प्रौद्योगिकियों में त्वचा के रंग के कारण होने वाली गलतियों पर लंबे समय से विवाद रहा है। निगरानी कैमरों में त्वचा के रंग की पहचान करना मानवाधिकार और नागरिक अधिकारों की चिंताओं को बढ़ाता है।

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