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अंधेरी रातों में लालू का सीक्रेट रेड, झुग्गियों से लेकर ईंट भट्ठे पर गूंजती एक ही आवाज- ‘आ गया शहंशाह’

‘एक रात मैं पुलिस जीप के साथ ईंट भट्ठे में पहुंच गया। जमीनी कार्यकर्ता के के रूप में मैं इस बात से वाकिफ था कि सामंती तत्व ईंट बनाने के धंधे की आड़ में ईंट भट्ठों में गरीब महिलाओं का शोषण करते हैं। मैंने कुछ दूरी पर सड़क किनारे गाड़ियां पार्क करवाई। हम ईंट भट्ठे की ओर पैदल चल पड़े’।
90 के दशक की बात है। बिहार के मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपनी आत्मकथा ‘गोपालगंज से रायसीना’, मेरी राजनीतिक यात्रा में उपरोक्त बातें लेखक नलिन वर्मा को बताई है। लालू प्रसाद यादव मंडल आयोग की वृहद सिफारिश को निचले तबके का हौसला बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने उत्पीड़ित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए थे। इसी क्रम में वे समय बचाकर रात के अंधेरे में जमीनी हकीकत को परखने के लिए बाहर निकलते थे। दलितों और वंचितों की स्थिति जमीन पर क्या है। उनके साथ कैसे व्यवहार होता है। ये देखने के लिए लालू अपने लाव-लश्कर के साथ अंधेरी रातों में निकलते थे।

लालू आधी रात को पहुंचे बिहटा

आधी रात को काफिला ईंट भट्ठे के पास पहुंच चुका था। लालू यादव के साथ दस बंदूकधारी पुलिस जवान भी मौजूद थे। जैसे ही लालू यादव ईंट भट्ठे के पास पहुंचे। उन्होंने देखा कि एक महिला को छह लोग पकड़े हुए हैं। सभी लोगों ने शराब पी रखी थी। लालू यादव ने टॉर्च जलाया और देखा कि महिला के गले में फूलों की माला पड़ी हुई है। पुरुष उसे जबरन झोपड़ी की ओर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। उसके बाद लालू यादव को देखते ही वो छह लोग सकते में आ गए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से आरोप घबरा गए। लालू यादव गोल टोपी लगाकर घर से निकले थे। उनके एक हाथ में लाठी थी। लालू यादव ने पुलिस के जवानों को आवाज दिया और आदेश दिया कि सभी आरोपियों को पकड़ लिया जाए। उसके बाद लालू उस भयभीत हो चुकी महिला के पास पहुंचे। उसे अपनी जीप में बिठाया। महिला एक जनजाति से संबंध रखती थी। उसे लेकर लालू प्रसाद यादव अपने सरकारी आवास पहुंच गए।

आदिवासी महिलाओं पर अत्याचार

लालू यादव ने उस महिला से बातचीत की। वो बहुत घबराई हुई थी। वो ईंट भट्ठे पर जैसे-तैसे गुजर-बसर कर रही थी। लालू यादव ने उसी समय पटना डीएम को बुलाया और कहा कि इस महिला को वो नौकरी पर रख ले। कुछ देर हैरत में पड़े डीएम ने बाद में उस महिला को नौकरी पर रख लिया। उसके बाद लालू ने छह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। लालू ने नलिन वर्मा को बताया है कि सभी आरोपी ऊंची जाति समूह के थे। बीजेपी से जुड़े हुए थे। सभी लोग बिहटा के ही रहने वाले थे। इस घटना के बाद मध्य बिहार के ईंट भट्ठों के मालिकों ने लालू यादव के खिलाफ अभियान छेड़ दिया। ईंट भट्ठों पर महिलाओं का शोषण कम हुआ उसके बाद लालू यादव में खामी ढूंढने की शुरुआत हो गई। लालू यादव को संदेश दिया गया कि अपराधियों को पकड़ने के लिए रात के अंधेरे में नहीं निकलना चाहिए। लालू यादव कहते हैं कि ऐसे बेतुके तर्क से मैंने खुद को अलग कर लिया।

लालू का ऑपरेशन ‘मिडनाइट’

लालू यादव ने चीजों को दुरुस्त करने के लिए रात की गश्त वाले तरीके को अच्छा माना। उसके बाद लालू यादव लगातार मध्य बिहार के देहाती इलाकों में गश्त के लिए रात को निकलने लगे। लालू यादव ने नलिन वर्मा को बताया कि बिहार के भोजपुर, रोहतास और बक्सर के साथ कैमूर का इलाका काफी प्रभावित था। यहां दलितों और वंचितों के साथ अत्याचार की घटनाएं होती रहती थीं। लालू यादव रात को दलित बस्तियों में पहुंचते थे। उसके बाद वे दरवाजे को खटखटाकर लोगों को जगाते थे। लोग उन्हें देखकर हैरत में पड़ जाते थे। लालू यादव ने नलिन वर्मा को बताया है कि वे दरवाजा खुलने के बाद कहते थे- ‘मैं लालू यादव आपका मुख्यमंत्री। मैं सिर्फ ये देखना आया हूं कि आप शांति से सो रहे हैं। आप मुझे बताइए कोई आपको धमकाता तो नहीं है या आपकी महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार तो नहीं करता’।

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