‘मम्मी बोलती थीं बेटा बोला करो’ फिर IIT JEE वालों के लिए ‘अपनी कक्षा’ लगा ऐसे लेक्चर दिए कि बने गुरुओं के गुरु
सोशल मीडिया पर अमन धत्तरवाल के लाखों प्रशंसक हैं। 25 साल की उम्र में वह जाने-माने एजुकेटर बन चुके हैं। अमन ‘अपनी कक्षा’ और ‘अपना कॉलेज’ के संस्थापक हैं। वह मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, बिट्स पिलानी जैसे प्रतिष्ठित कॉलेजों में सैकड़ों गेस्ट लेक्चर दिए हैं। कभी वह बेहद शर्मीले हुआ करते थे। नौबत यह थी कि उनकी मां बोलती थीं- ‘बेटा थोड़ा बोला करो।’ आइए, यहां अमन के सफर के बारे में जानते हैं।
राजस्थान में हुआ जन्म

अपना खुद का ऑनलाइन एजुकेशन वेंचर ‘अपनी कक्षा’ और ‘अपना कॉलेज’ शुरू करने से पहले अमन Unacademy में आईआईटी जेईई फैकल्टी थे। वह अपनी टीम के साथ कई यूट्यूब चैनलों पर शैक्षिक सामग्री बनाते हैं। अमन का जन्म 1997 में राजस्थान में हुआ था। उन्होंने नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है। पढ़ने-लिखने में वह बचपन से होशियार थे। 12वीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में उनके 95 फीसदी अंक आए थे।
12वीं तक रहे शर्मीले और संकोची

अमन धत्तरवाल की यूट्यूब की यात्रा तब शुरू हुई जब वह ग्रेजुएशन के पहले वर्ष में थे। वह 12वीं कक्षा तक बहुत शर्मीले और संकोची थे। उन्हें मंच से बोलने में बहुत डर लगता था। वह मंच पर जाने के विचार से कांप जाते थे। जब भी उनसे मंच के ऊपर जाने के लिए कहा जाता तो वह परेशान होने लगते। वह इस कमजोरी से मुक्ति पाना चाहते थे। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा इवेंट में हिस्सा लेना अपना लक्ष्य बना लिया। तभी उनके मन में यूट्यूब का विचार आया।
पॉजिटिव रिऐक्शन ने बढ़ाया मनोबल
अमन एक अच्छे शिक्षक थे। उन्होंने अप्रैल 2015 में पढ़ाते हुए अपने वीडियो अपलोड करने शुरू किए। उन्हें कई स्टूडेंट्स से पॉजिटिव रिऐक्शन मिला। इसने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उनके नाम वाले यूट्यूब चैनल के लाखों सब्सक्राइबर्स हैं जो उनके ऑनलाइन कंटेंट से लाभान्वित होते हैं। यह यूट्यूब चैनल 12वीं कक्षा की बोर्ड तैयारी, कॉलेज एंट्रेंस और करियर के अवसरों पर अधिक फोकस करता है।



