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‘DMK का मतलब है डेंगू-मलेरिया-कोसु…’, तमिलनाडु BJP अध्यक्ष अन्नामलाई ने स्‍टालिन पर बोला हमला

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई ने गुरुवार को डीएमके पर तीखा हमला बोला। अन्नामलाई ने डीएमके के नाम की तुलना ‘डेंगू, मलेरिया, कोसु’ से की। उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को खत्म करने पर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए के अन्नामलाई ने एक्स (पहले ट्विटर) पर कहा क‍ि अगर तमिलनाडु से किसी चीज को खत्म करने की जरूरत है तो वह ‘डीएमके’ है। डी का मतलब डेंगू, एम का मतलब मलेरिया और के का आशय कोसु से है। ‘कोसु’ तम‍िल शब्‍द है, जो क‍ि क‍िसी घातक बीमारी से संबंध‍ित है। अन्नामलाई ने जोर देकर कहा क‍ि हमें यकीन है कि लोग इन घातक बीमारियों को डीएमके से जोड़ेंगे और उसे राज्‍य से खत्‍म करने की कोश‍िश करेंगे।

तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष ने स्‍टाल‍िन पर हमला बोलते हुए कहा क‍ि आने वाले चुनावों में मैं आपको चुनौती देता हूं। आइए ‘सनातन धर्म’ पर लड़ें। डीएमके का कहना है कि वह ‘सनातन धर्म’ को खत्म करने जा रही है। हम कहेंगे कि हम रक्षा करेंगे और ‘सनातन धर्म’ को सुरक्षित रखेंगे। हम देखेंगे कि तमिलनाडु के लोग कहां मतदान करने जा रहे हैं। हम कई सालों से डीएमके के नाटक को जानते हैं।

‘राज्‍य से डीएमके को उखाड़ फेकेगी जनता’
अन्नामलाई ने कहा क‍ि सत्ता में आने के बाद पहले साल आप ‘सनातन धर्म’ का विरोध कर रहे हैं। दूसरे साल आप इसे खत्म करने की बात कहते हैं। तीसरे साल आप ‘सनातन धर्म’ को बेरहमी से उखाड़ फेंकना चाहते हैं। चौथे साल आप कहते हैं कि आप हिंदू हैं और आप कहते हैं कि डीएमके पार्टी के 90% लोग हिंदू हैं। पांचवें साल आप कहते हैं कि आप हिंदू हैं एक हिंदू…2024 में एक पार्टी के रूप में डीएमके का सफाया होने वाला है। मैंने यह नहीं कहा कि आपके बेटे (उदयनिधि स्टालिन) ने ऐसा इसलिए कहा। क्योंकि डी का मतलब ‘डेंगू’, एम का मतलब ‘मलेरिया’ और के का मतलब है ‘कोसु’है। ऐसे में राज्‍य की जनता यह काम करेगी।

डीएमके को दी ह‍िदायत
के अन्नामालिया ने सनातन धर्म संबंधी टिप्पणियों पर अपने बेटे उदयनिधि का बचाव करने के लिए तमिलनाडु के एमके स्टालिन पर भी निशाना साधा। उन्‍होंने कहा क‍ि सनातन धर्म किसी भी धर्म से पहले का है। यह कहता है कि मनुष्य भगवान हैं और यह जीवित प्राणियों को भगवान होने की बात करता है। जब एक इंसान सनातन धर्म में भेदभाव लाता है तो दूसरा इंसान आता है और सुधार करता है। यही कारण है कि हमारे पास स्वामी दयानंद सरस्वती और स्वामी सहजानंद हैं। इसलिए बुरे प्रभाव मनुष्यों की ओर से लाए गए और सुधार किए गए। लेकिन आपका(एमके स्‍टाल‍िन) बेटा इसे मिटाना चाहता है। यह दर्शाता है कि आपको (एमके स्टालिन) और आपके बेटे को सनातन धर्म के बारे में क्या समझ है।

स्‍टाल‍िन ने क‍िया बेटे का बचाव
इससे पहले सनातन धर्म के बारे में तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के विवादास्पद बयान पर मचे सियासी घमासान के बीच उनके पिता और राज्य के CM एम. के. स्टालिन ने गुरुवार को उनका बचाव किया है। स्टालिन ने कहा कि उनके बेटे ने सनातन के अमानवीय सिद्धांतों पर विचार व्यक्त किए जो अनुसूचित जातियों, जनजातियों और महिलाओं के खिलाफ भेदभाव करते हैं।

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