पहले अंबानी और अब TATA, जानें कौन हैं Nvidia जिसके पीछे पड़ी हैं दुनियाभर की कंपनियां, चीन भी हाथ जोड़े खड़ा
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर (Semiconductor) की ओर भारत तेज रफ्तार से बढ़ रहा है। बीते कुछ सालों से भारत में सेमीकंडक्टर की डिमांड से लेकर उसके प्रोडक्शन पर लगातार जोर दिया जा रहा है। देश की बड़ी कंपनियों ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। इसी का नतीजा है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के बाद अब टाटा समूह (Tata Group) ने भी इस ओर अपने कदम बढ़ा दिए हैं। हाल ही में रिलायंस ने अमेरिकी चिप कंपनी एनविडिया ( NVIDIA) के साथ पार्टनरशिप की है। वहीं अब टाटा ने भी अमेरिकी चिप कंपनी एनविडिया के साथ बातचीत चल रही है। रॉयटर्स के मुताबिक टाटा समूह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर एनविडिया से बातचीत कर रहा है। आज उस कंपनी के बारे में जिसके पीछे रिलायंस, टाटा से लेकर दुनिया की तमाम कंपनियां पड़ी हैं।
क्यों इस कंपनी के पीछे पड़े हैं सब

रिलायंस ग्रुप ने अपने जियो प्लेटफॉर्म (Jio Platforms) के लिए एआई क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर लाने के लिए चिप मेकिंग कंपनी एनविडिया के साथ साझेदारी की है। इस कंपनी के चिप की दुनियाभर में डिमांड है। चीन समेत दुनियाभर के देशों में एनविडिया (NVIDIA) की चिप की मांग बढ़ रही है। इस कंपनी की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी दुनिया की बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां भी एनवीडिया से अपने लिए चिप चाहती हैं। इन कंपनियों में Nvidia की चिप को लेकर होड़ मची रहती है। अमेरिका के बाहर भी इस कंपनी की भारी डिमांड है। अमेरिका के अलावा सऊदी अरब और यूएई की कंपनियां भी एनवीडिया से चिप खरीदने के लिए बेताब रहती हैं।
चीन भी पीछे पड़ा

सिर्फ अमेरिया या अरब देश ही नहीं चीन जो कि खुद को तकनीक का मास्टक समझता है, वहां की कंपनियां भी अमेरिकी चिप कंपनी से डील के लिए बेताब रहती है। Nvidia की चिप की चीन की कंपनियों में भारी डिमांड है। चीन की कंपनियां टेंसेट और अलीबाबा भी एआई चिप के लिए एनवीडिया के दरवाजे पर खड़ी हैं। हालांकि अमेरिका और चीन के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के बीच अमेरिकी सरकार ने एनवीडिया समेत अमेरिकी कंपनियों को चीन में AI चिप का निर्यात बंद करने का आदेश दिया।



