World

केरल में निपाह वायरस का बांग्लादेश वाला स्ट्रेन, 10 में 9 लोगों की ले लेता है जान, वजह भी जान लीजिए

केरल में निपाह वायरस का असर धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। राज्य में शनिवार को एक और निपाह पॉजिटिव मामला सामने आया है। राज्य में निपाह से संक्रमित होने वालों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। राज्य में निपाह को लेकर प्रोटोकॉल लागू कर दिया है। प्रदेश में निपाह वायरस संक्रमण से दो लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमण को देखते हुए प्रदेश में स्कूलों को भी बंद कर दिया है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज का कह चुकी है कि प्रदेश में निपाह वायरस का बांग्लादेश वाला स्ट्रेन मिला है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ये बांग्लादेश वाला स्ट्रेन कितना खतरनाक है। एक इंटरव्यू में ICMR के महामारी और कम्यूनिकेबल बीमारियों के प्रमुख रहे डॉ. रमन गंगाखेड़कर ने निपाह वायरस के बांग्लादेश वाले स्ट्रेन के बारे में डिटेल से बताया।

बांग्लादेश वाला स्ट्रेन अधिक जानलेवा

बांग्लादेश वाला स्ट्रेन अधिक जानलेवा

देश के टॉप महामारी एक्सपर्ट डॉ. रमन गंगाखेड़कर का कहना है कि निपाह वायरस का बांग्लादेश स्ट्रेन सांस लेने में दिक्कत पैदा करता है। खास बात है कि यह 10 में से नौ संक्रमित व्यक्तियों की जान ले लेता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में सावधानी बरतते हुए इसके प्रसा और संक्रमण की रोकथाम के लिए वायरस के स्रोत का पता लगाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। गंगाखेडकर ने केरल में निपाह वायरस के पिछले तीन प्रकोपों से निपटने में देश के प्रयास का नेतृत्व किया था। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च प्राथमिकताएं इंडेक्स रोगी को ढूंढना, निपाह वायरस की उत्पत्ति का पता लगाना, आसपास के सभी जानवरों का परीक्षण करना, समुदाय को संगठित करना और चिकित्सा सहायता तैयार रखना है। गंगाखेडकर ने कहा कि सर्कुलेटिंग स्ट्रेन को सांस लेने में दिक्कत से जुड़े सिंड्रोम का कारण माना जाता है। यह मरीजों को शुरुआती लक्षणों में सांस लेने में तकलीफ महसूस कराता है। इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि मलेशियाई स्ट्रेन न्यूरोलॉजिकल लक्षणों को प्रकट करने के लिए जाना जाता है। जबकि बांग्लादेश स्ट्रेन उच्च मृत्यु दर या मौतों के लिए जाना जाता है। यह लगभग 10 संक्रमित लोगों में से नौ लोगों की जान ले लेता है। उन्होंने कहा कि पहले प्रकोप के दौरान 23 में से 89% रोगियों की मृत्यु हो गई थी।

ऑस्ट्रेलिया से मोनोक्लोनल एंटीबॉडी

ऑस्ट्रेलिया से मोनोक्लोनल एंटीबॉडी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button