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गजराज राव ने फीस घटाने से किया इनकार, बोले- भूखा सोया, गालियां सुनीं और 25 साल स्ट्रगल किया

एक्टर गजराज राव 29 साल से फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं। उन्होंने 1994 में फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ से एक्टिंग डेब्यू किया था। लेकिन एक्टर को नेम और फेम काफी लंबे समय बाद जाकर मिला। साल 2018 में आई फिल्म ‘बधाई हो’ ने गजराज राव को रातोंरात चर्चा में ला दिया। पर यहां तक पहुंचने के लिए एक्टर को खूब पापड़ बेलने पड़े, भूखे सोना पड़ा और गालियां तक सुननी पड़ी। इसलिए गजराज राव ने फैसला किया है कि वह अपनी फीस बिल्कुल भी नहीं घटाएंगे।

कभी ऐसा वक्त था कि Gajraj Rao के पास काम नहीं था, खूब स्ट्रगल करना पड़ा था, लेकिन अब स्थिति ऐसी है कि उनके पास खूब काम है। गजराज राव ने हाल ही एक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने स्ट्रगल के दिनों की कहानी बताई, और अपनी जिंदगी से जुड़े कई खुलासे किए।

कई नौकरियां कीं, आर्थिक तंगी झेली

गजराज राव ने वरुण दुग्गी के पॉडकास्ट शो में कहा कि उन्होंने बहुत सारी नौकरियां कीं। उन्हें सही दिशा में गाइड करने के लिए कोई सपोर्ट सिस्टम नहीं था। एक समय ऐसा भी आया जब उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। गजराव ने कहा कि उनके लिए अभी एसी के माहौल में ऐसा कहना आसान है, लेकिन जब आपके पास खाना नहीं होता तो आपके सारे सपने और इच्छाएं टूटकर बिखर जाती हैं।

25-30 साल स्ट्रगल के बाद सुधरी हालत

गजराज राव ने कहा कि अभी उनकी आर्थिक स्थिति ठीक है क्योंकि उन्होंने 25-30 साल तक कड़ी मेहनत की। अब उन्हें महंगे फोन, ट्रैवल करना और अच्छे-महंगे होटलों में रहना अच्छा लगता है। एक्टर बोले, ‘मुझे यह स्वीकार करने में कोई शर्म नहीं है। मैं फाइव स्टार होटल और बिजनेस क्लास में सफर करने में शर्म महसूस नहीं करता। मुझे यह खुद अपने लिए चाहिए, अपने परिवार के लिए चाहिए। मैं उन्हें हर संभव चीज देना चाहता हूं। कोई घर में बीमार हो और हॉस्पिटल में भर्ती हो, तो मैं दुविधा में नहीं फंसना चाहता।’

गजराज राव इसलिए फीस घटाने से करते हैं इनकार

गजराज राव ने बताया कि कैसे एक कास्टिंग डायरेक्टर ने कह दिया था कि वह अपनी डिमांड की वजह से मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। दरअसल उस कास्टिंग डायरेक्टर ने गजराज राव से अपनी फीस घटाने को कहा था, लेकिन एक्टर ने इनकार कर दिया था। एक्टर ने बताया, ‘कास्टिंग डायरेक्टर ने मुझसे फीस घटाने को कहा था, और कहा कि बस 20 दिन का काम है। मैंने कहा कि मैं तो उन 20 दिनों के लिए कुछ चार्ज भी नहीं कर रहा हूं। फ्री में काम कर रहा हूं। मैंने कहा कि मैं तो उस होमवर्क के लिए चार्ज कर रहा हूं, जो मैंने उस मुकाम तक पहुंचने के लिए इतने साल से किया है। यह मेरी उन दिनों की फीस है, जो मैं 20 दिन तक 20 चाय पर जिया, भूखा सोया, गालियां सुनीं। टाउन से अंधेरी तक पैदल जाता था। ये 20 दिन तो फ्री हैं।’

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