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पीसीएस ज्योति मौर्या विवाद में कमांडेंट मनीष दुबे के खिलाफ खोल दिया मोर्चा, कौन है यह गुलाबी गैंग

बरेली की एसडीएम ज्‍योति मौर्य को लेकर एक महीने से चल रहे विवाद में अब गुलाबी गैंग भी कूद गया है। महिला अधिकारों की लड़ाई के लिए चर्चित गुलाबी गैंग ने महोबा में तैनात होमगार्ड कमांडेंट मनीष दुबे के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उनको बर्खास्‍त करने की मांग की है। इस दौरान महिलाओं ने ‘मनीष दुबे को भगाना है, महोबा को बचाना है’ नारा लगाते हुए अपना विरोध जताया। गुलाबी गैंग की राष्‍ट्रीय कमांडर संपत पाल ने चेतावनी दी है कि अगर मनीष के खिलाफ ऐक्‍शन नहीं लिया गया तो वह ऑफिस में घुसकर उसको डंडे मारेंगे। गुलाबी गैंग ने इस संबंध में राज्‍यपाल को संबोधित एक ज्ञापन भी एसडीएम को सौंपा।गुलाबी गैंग की महिलाओं का कहना है शिक्षा ग्रहण करने गई युवतियों को वापस बुलाया जा रहा है, यह सही नहीं है। मनीष दुबे और ज्‍योति मौर्य के केस की वजह से आज लोग महिलाओं पर विश्‍वास नहीं कर पा रहे हैं। तरह तरह के गाने बनाकर महिलाओं को बदनाम किया जा रहा। यह सब मनीष दुबे की वजह से हो रहा है। उसने अपनी पत्‍नी को तो परेशान किया ही है, दूसरे का भी परिवार बर्बाद कर दिया। अगर उसके खिलाफ जल्‍द कार्रवाई नहीं हुई तो गुलाबी गैंग की महिलाएं हाथों में डंडा लेकर होमगार्ड विभाग में घुस जाएंगी और उसे डंडे से पीटेंगी। आइए आपको गुलाबी गैंग और इसकी राष्‍ट्रीय कमांडर संपत बारे के बारे में बताते हैं-

यूपी और एमपी में गैंग के दो लाख से ज्‍यादा सदस्‍य

63 साल की पत पाल उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से सटे इलाकों में सक्रिय गुलाबी गैंग की प्रमुख हैं। इन दोनों राज्‍यों में गुलाबी गैंग काफी प्रसिद्ध हैं। इस गैंग में करीब 2 लाख 70 हजार महिला सदस्‍य हैं। 1960 में जन्‍मीं संपत पाल की शादी सिर्फ 12 साल की उम्र में बांदा जिले में हो गई थी। 16 साल की उम्र में संपत ने अपने एक पड़ोसी का विरोध जताया क्‍योंकि वह आएदिन अपनी पत्‍नी को पीटता रहता था। इस पर पड़ोसी ने संपत पाल को धमकी दी। इसके बाद पाल ने इलाके की महिलाओं को साथ मिलकर उस आदमी को सबक सिखाने के लिए प्रेरित किया। सभी महिलाओं ने मिलकर उसकी पिटाई की और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बाद ही उसे जाने दिया। इस घटना के बाद से संपत पाल पूरे जिले में प्रसिद्ध हो गईं।

चित्रकूट से लड़ीं विधानसभा चुनाव पर हार गईं

संपत पाल जल्द ही सामाजिक कार्यकर्ता जय प्रकाश शिवहरे के संपर्क में आईं। उन्‍होंने उन्हें महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ने और 1980 में गुलाबी गैंग शुरू करने के लिए प्रेरित किया। बाद में गैंग को मिले चंदे का ब्‍यौरा न देने के मुद्दे पर संपत पाल का शिवहरे के साथ विवाद हो गया। इसके अलावा संपत पाल पर यह भी आरोप लगा कि उन्‍होंने गैंग प्रमुख रहते हुए कांग्रेस का समर्थन किया। इस पर शिवहरे ने उन्‍हें गैंग से निष्‍कासित कर दिया था पर अब चीजें पहले जैसी हो गई हैं। बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए संपत पाल ने राजनीति में उतरने का फैसला लिया। 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्‍हें चित्रकूट जिले की मानिकपुर सीट से टिकट दिया। हालांकि संपत पाल चुनाव हार गईं और विधायक बनने का उनका सपना टूट गया।

पुलिसवाले का सिर फोड़ दिया था, बिग बॉस में आ चुकी हैं नजर

करीब तीन दशक से महिला अधिकारों के लड़ रहीं संपत पाल रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में भी नजर आ चुकी है। इस गैंग की सभी महिलाएं गुलाबी साड़ी ही पहनती हैं। साथ ही हाथ में हमेशा डंडा लिए रहती हैं। एक बार संपत पाल किसी मामले में मुकदमा दर्ज कराने पुलिस स्‍टेशन पहुंची थी। यहां पुलिस वाले ने उनकी बात सुनने की जगह गाली गलौज शुरू कर दी। इस पर संपत पाल ने पुलिसकर्मी के सिर पर लाठी से हमला बोल दिया। इस हमले में उसका सिर फूट गया। इस घटना के बाद गुलाबी गैंग देश-दुनिया में सुर्खियों में छा गया।

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