मोदी विरोध की विपक्ष वाली प्लानिंग क्यों हो रही फेल! इनसाइड स्टोरी जानकर हैरान हैं नीतीश और केजरीवाल
संसद का नया भवन 970 करोड़ की लागत से बन कर तैयार है। पहले से भव्य और बड़े आकार में बना है नया भवन। हर सांसद को इस पर गर्व होना चाहिए। उन्हें इस बात से भी खुश होना चाहिए कि नया भवन मिला है, जो पहले से कई गुना बड़ा और कई मामलों में उम्दा है। लेकिन इसके उद्घाटन को लेकर विपक्ष ने वितंडा खड़ा कर दिया है। विपक्ष को आपत्ति इस बात पर है कि संसद के नये भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति से क्यों नहीं कराया गया। राष्ट्रपति अनुसूचित जनजाति से आती हं, इसलिए उनके साथ सरकार ऐसा सलूक कर रही है। सच कहें तो विपक्ष को असली चिढ़ पीएम नरेंद्र मोदी से है, जिनका हर काम विपक्ष की नजर में खराब ही होता है या दिखता है। आरोप भी अजब-गजब ! चुनाव में बीजेपी जीत गई तो मोदी ने ईवीएम में गड़बड़ी कराई। विदेश में मोदी के नाम का डंका बजता है तो देश में विपक्ष उनकी खिल्ली उड़ाता है। कोविड काल में दुनिया के दूसरे देशों में जितना नुकसान हुआ, क्या भारत में भी उतना ही नुकसान हुआ ? विपक्ष की नजर में मोदी का शासन नाकाम है। देश टूट गया है। उनकी कोई सकारात्मक उपलब्धि नहीं है।
विदेशों में मोदी का बजा डंका
पीएम नरेंद्र मोदी हाल ही विदेश दौरे पर थे। उन्होंने कई देशों की यात्राएं कीं, राष्ट्राध्यक्षों से मिले। उनका सत्कार विदेशों में जिस तरह से हुआ, वैसा शायद ही अब तक अपने देश के किसी नेता के साथ विदेश दौरों में हुआ हो। ऑस्ट्रेलिया के ओलंपिक पार्क में ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगे तो इसी मौके पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानी ने पीएम मोदी को ‘बॉस’ कहा। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन तो अपनी सीट से उठ कर मोदी से मिलने उनके पास आए। इतना ही नहीं, उन्होंने मोदी का ऑटोग्राफ भी मांगा। मोदी के स्वदेश लौटने से पहले ही उनके विरोध में विपक्ष व्यूह बनाने में जुट गया था।



