कर्नाटक का थोलाहुनसे गांव: ‘योद्धाओं का घर’, सैकड़ों युवा भारतीय सेना में शामिल होते हैं.
दावणगेरे का थोलाहुनसे गांव देश भर में प्रसिद्ध है, क्योंकि यहां के कई युवा भारतीय सेना में शामिल होते हैं।
यहां तक कि हर घर से दो युवा देश की सेवा करने के लिए सेना में जाते हैं।
क्या है पूरा मामला?
कर्नाटक के दावणगेरे जिले में स्थित थोलाहुनसे गांव देशभक्ति की मिसाल है। इस गांव के युवाओं में सेना में भर्ती होने का जुनून ऐसा है कि लगभग हर घर से दो युवा देश की सेवा के लिए जाते हैं। इस गांव को ‘योद्धाओं का घर’ भी कहा जाता है।
क्यों है यह खबर महत्वपूर्ण?
यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देशभक्ति और सेना के प्रति समर्पण की एक अनूठी कहानी है। यह गांव युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और यह दिखाता है कि कैसे एक छोटा सा गांव देश की सेवा में बड़ा योगदान दे सकता है।
क्या हम और जानते हैं?
गांव के लोगों का कहना है कि सेना में भर्ती होना उनके परिवार की परंपरा रही है। वे देश की सेवा को सर्वोपरि मानते हैं। गांव के युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।



