अयोध्या में राम मंदिर: भाजपा और योगी का ‘रामबाण’ और निशाने पर लोकसभा चुनाव, यूपी की अर्थव्यवस्था
अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मकर संक्रांति के दिन से ही राम की नगरी में रामोत्सव शुरू हो जाएगा। इस दौरान विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होंगे। 22 तारीख को प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंदिर में दर्शन का दौर शुरू होगा। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इस पूरे कार्यक्रम को यूपी की अर्थव्यवस्था में बड़े बूस्ट के एक बेहतरीन मौके की तरह देख रही है। ग्लोबल ब्रांडिंग के लक्ष्य के साथ अयोध्या का पूरा कायाकल्प किया जा रहा है। यही नहीं अयोध्या के विकास का असर आसपास के जिलों तक देखा जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ इस मौके को भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव 2024 में राम लहर पैदा करने की कोशिश में है।
मोदी के लौटते ही उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब
पहले बात करते हैं भारतीय जनता पार्टी की। भारतीय जनता पार्टी ने राम मंदिर को लेकर डिटेल प्लान तैयार कर लिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी के प्राण प्रतिष्ठा कराने के अगले ही दिन यानी 23 जनवरी से अयोध्या में भाजपा का 5 हजार भक्तों को रोजाना दर्शन कराने का प्लान है। इस दौरान पार्टी की तरफ से भक्तों का ढोल नगाड़ों से स्वागत किया जाएगा। यही नहीं देश भर में राम मंदिर आंदोलन की याद दिलाने के लिए भाजपा कार्यकर्ता इसके इतिहास के संदर्भ में बुकलेट भी बांटेंगे। इस बुकलेट में राम मंदिर आंदेालन के दौरान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के नेताओं की प्रमुख भूमिका का जिक्र होगा। यही नहीं कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल आदि विपक्षी दलों द्वारा रोड़े अटकाने की बातों का भी जिक्र होगा।



