प्रशासन से भिड़े, चुनाव आयोग पर सवाल और नॉमिनेशन में ऐसी गलती… खाली नाम कमाने आए थे श्याम रंगीला?
उत्तर प्रदेश के वाराणसी लोकसभा सीट पर चुनावी माहौल पूरी तरह से गरमा गया है। नामांकन पत्रों की जांच के बाद वाराणसी लोकसभा सीट पर नॉमिनेशन भरने वाले 41 उम्मीदवारों में से 33 का नामांकन रद्द हो गया। अब चुनावी मैदान में महज 8 उम्मीदवार बचे हैं। अभी नाम वापस लिए जाने का समय बचा हुआ है। नाम वापसी की समय सीमा बीतने के बाद आखिरी तौर पर चुनावी मैदान में डटे उम्मीदवारों के नाम सामने आएंगे। वाराणसी सीट पर नामांकन दाखिल करने वालों में राजस्थान से आए मशहूर मिमिक्री आर्टिस्ट श्याम रंगीला भी रहे। पीएम मोदी की आवाज की नकल कर चर्चा में आए श्याम रंगीला का नामांकन भी खारिज हो गया है।
क्यों खारिज हुआ रंगीला का पर्चा?
नामांकन पत्रों की जांच में स्टैंडअप कॉमेडियन श्याम रंगीला समेत 33 उम्मीदवारों का पर्चा खारिज हो गया। भाजपा के पीएम नरेंद्र मोदी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय समेत 8 उम्मीदवार अब चुनावी मैदान में बच गए हैं। कॉमेडियन श्याम रंगीला नामांकन पत्र खारिज होने के बाद काफी भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से शपथ नहीं लेने के कारण नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नामांकन के समय जानबूझकर मुझे शपथ नहीं दिलाई गई।
श्याम रंगीला ने कहा कि मुझे शपथ के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अव्यवस्थाओं को दिखाना ही हमारा लक्ष्य था। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना मेरे बस की बात नहीं है। अब मैं अपने मूल प्रोफेशन से जुड़ जाउंगा।



