जिसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और अन्य देश शामिल हैं। इस खराबी ने उड़ानों, बैंकों, शेयर बाजारों और यहां तक कि प्रसारकों को भी प्रभावित किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट की क्लाउड सेवाओं में समस्या के कारण यह खराबी हुई है।
खराबी के कारण कई क्षेत्रों में व्यापार में व्यवधान उत्पन्न हुआ। हवाई अड्डों पर चेक-इन प्रक्रिया प्रभावित हुई और कई उड़ानों में देरी हुई। बैंकों में भी लेन-देन अवरुद्ध हो गए, जिससे ग्राहकों को परेशानी हुई। शेयर बाजारों में भी कुछ देरी देखी गई। इस खराबी से मीडिया प्रसारण भी बाधित हुए।
माइक्रोसॉफ्ट ने इस खराबी को स्वीकार कर लिया है और कहा है कि वह समस्या को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए काम कर रही है। कंपनी ने ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए खेद भी जताया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस खराबी को ठीक करने में कितना समय लगेगा।


