बिहार विधानसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में जिला समितियों की भूमिका बढ़ाएगी कांग्रेस.
कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए टिकट वितरण की नई रणनीति बनाई।
इस बार जिला स्तर की समितियों को अधिक महत्व दिया जाएगा।
कांग्रेस का लक्ष्य संगठन को मजबूत कर जमीनी स्तर पर पकड़ बनाना है।
बिहार कांग्रेस सह-प्रभारी सुशील पासी ने इसकी पुष्टि की।
उन्होंने कहा कि पार्टी का ध्यान फिलहाल संगठन को मजबूत करने पर है।
जल्द ही उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें जिला समिति की अहम भूमिका होगी।
पहले टिकट का चयन शीर्ष स्तर पर होता था, लेकिन अब इसे विकेंद्रीकृत किया जाएगा।
बिहार और उत्तर प्रदेश के जिला अध्यक्षों की बैठक 4 अप्रैल को दिल्ली में होगी।
इस बैठक में राहुल गांधी खुद जिला अध्यक्षों से संवाद करेंगे।
पार्टी प्रत्याशी के चयन में लोकप्रियता और संगठन के प्रति निष्ठा को प्राथमिकता देगी।
बिहार में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन बनाया जा रहा है।
जिलों में सक्रिय और प्रदर्शन में बेहतर नेताओं की समीक्षा की जा रही है।
बूथ कमेटियों के गठन की निगरानी वरिष्ठ पार्टी अधिकारी कर रहे हैं।
पार्टी ने 2025 को चुनौतियों का साल मानते हुए संगठन को मजबूती देने का निर्णय लिया है।
कांग्रेस के संविधान में बदलाव के तहत संगठन में 50% पद युवाओं को दिए जाएंगे।
इसके अलावा अनुसूचित जाति, पिछड़े वर्ग और आदिवासी वर्ग को भी 50% प्रतिनिधित्व मिलेगा।
पार्टी ने जनता की आवाज सुनने और उनके मुद्दे समझने की रणनीति अपनाई है।
प्रदेश में वर्षों से कांग्रेस की कोई राज्य समिति नहीं थी, जिसे अब बनाया जाएगा।
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए वरिष्ठ नेता जिलों का दौरा कर रहे हैं।
कांग्रेस का उद्देश्य सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।


