केंद्र सरकार ने आईपीएस अधिकारियों से जुड़ी नीति में बदलाव किया है। यह बदलाव प्रतिनियुक्ति से संबंधित योग्यता में किया गया है। गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की है। संशोधन आईपीएस कार्यकाल नीति दो हजार दस में हुआ है। इससे केंद्रीय एजेंसियों की संरचना प्रभावित होगी। अधिकारियों के करियर विकल्प बढ़ेंगे।
पहले पांच साल की सेवा के बाद कुछ एजेंसियों में तैनाती मिलती थी। इसमें खुफिया और जांच एजेंसियां शामिल थीं। अब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को भी जोड़ा गया है। इसका मतलब है कि एनसीबी के अधिकारी भी पात्र होंगे। वे एसपी स्तर पर इंडक्शन पा सकेंगे। यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इससे सुरक्षा एजेंसियां मजबूत होंगी। मादक पदार्थ विरोधी अभियान को बल मिलेगा। अनुभवी अधिकारियों की कमी दूर होगी। नीति बदलाव को व्यावहारिक बताया जा रहा है। इससे समन्वय बेहतर होगा। आंतरिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।


