संजीव सिंह हत्याकांड में अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। जमशेदपुर कोर्ट ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषी दुबराज नाग और जितेंद्र सिंह पाए गए। दोनों को जेल में जीवन बिताना होगा। कोर्ट ने आर्थिक दंड भी लगाया। फैसला आने से इलाके में चर्चा तेज है।
अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान पेश किए। कुल तेरह लोगों की गवाही दर्ज हुई। छह आरोपी सबूतों के अभाव में बरी हुए। कोर्ट ने कहा कि दोष सिद्ध करने के लिए पुख्ता प्रमाण जरूरी है। इसी आधार पर फैसला दिया गया।
2016 में जमीन विवाद ने हिंसक रूप लिया था। रेलवे फाटक पर संजीव सिंह की गोली मारकर हत्या की गई। घटना ने पूरे शहर को हिला दिया था। अब कोर्ट के फैसले से न्याय की उम्मीद जगी है।


