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क्रिकेट इतिहास का पहला स्विंग बोलर, गेंद से पेस खत्म हुई तो निकाला ‘अचूक हथियार’

कगिसो रबाडा, लॉकी फर्ग्यूसन, ट्रेंट बोल्ट सरीखे तूफानी तेज गेंदबाज अमेरिका में शुरू हुई मेजर लीग क्रिकेट से फैंस को हैरान कर रहे हैं। मगर बेहद कम लोग जानते हैं कि ये मॉर्डन क्रिकेट स्टार्स उस घातक तेज गेंदबाज के आगे कुछ भी नहीं जिसने 100 साल पहले अमेरिका के मैदानों को अपनी रफ्तार से रौशन कर दिया था। हम बात कर रहे हैं जॉन बार्टन किंग की, जिन्हें बार्ट किंग के नाम से भी जाना जाता है। साउथ अमेरिका के राज्य पेंसिल्वेनिया के सबसे बड़े शहर फिलाडेल्फिया में पैदा हुए बार्ट किंग ने लगभग दो दशक (1893-1912) के करियर में 415 प्रथम श्रेणी विकेट झटके। 1908 के इंग्लैंड दौरे के दौरान, किंग ने केवल 10 मैच में ही 87 शिकार कर डाले थे। 35 वर्षीय तेज गेंदबाज के लिए यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि थी।

टाइम्स, लंदन ने उनके बारे में लिखा, ‘स्विंगिंग बॉल की कला के बारे में उनसे ज्यादा शायद कोई नहीं जानता। कहा जाता है कि किंग ने अपनी गति खो दी थी लेकिन 21वीं सदी के गेंदबाजों की तरह अपने खेल में विविधता और चालाकी लाकर उन्होंने खुद को दोबारा स्थापित किया। जब 19वीं सदी का अमेरिकी क्रिकेटर 21वीं सदी में याद किया जाता है तो वह काफी खास होगा। 1897 में अपने पहले इंग्लैंड दौरे पर मजबूत ससेक्स टीम के खिलाफ किंग ने 115 रन देकर कुल 13 विकेट लिए थे। टूरिंग क्लब, फिलाडेल्फियंस के लिए आठ विकेट की अप्रत्याशित जीत किसी चमत्कार से कम नहीं थी।

संयुक्त राज्य अमेरिका में क्रिकेट खेलने वाले संभवतः पहले भारतीय बने रणजीतसिंहजी ने किंग की सिग्नेचर बॉल इनस्विंगर बताई थी। किंग छह फीट से ज्यादा लंबे और मजबूत शरीर वाले खिलाड़ी थे। कुछ लेखकों ने उन्हें खेल का पहला स्विंग गेंदबाज भी कहा है। गेंदबाजी से पहले अपने लंबे रनअप और दोनों हाथ सिर के ऊपर ले जाकर गेंद रिलीज करने की कला से अच्छे-अच्छे बल्लेबाज थर्राते थे।

विकेट तक अपनी लंबी बाउंडिंग दौड़ के साथ, अंतिम स्ट्राइड में पिचर के तरीके से सिर के ऊपर दोनों हाथों से गेंद को पकड़कर, वह (किंग) बल्लेबाजों के लिए एक भयानक दृश्य था। 1890 से 1920 का समय अमेरिका के खेल का स्वर्ण युग कहा जाता है, किंग उसमें एक मुख्य खिलाड़ी थे। मेजर लीग क्रिकेट के शुरू होने से संयुक्त राज्य अमेरिका में क्रिकेट को जरूरी बढ़ावा मिल सकता है और वह अपने सुनहरे दिनों को फिर से जी सकता है।

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