‘अधिकारी हैं तो क्या लोगों को थप्पड़ जड़ेंगे’! अब एक महिला नायब तहसीलदार भी इस लिस्ट में शामिल
के खिलाफ लोगों ने काफी प्रतिक्रिया दी थी जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने जांच के आदेश दिए थे।
सूरजपुर: डीएम ने जड़ा था थप्पड़
छत्तीसगढ़ में भी एक डीएम के थप्पड़ मारने का मामला काफी तूल पकड़ा था। हालांकि ये मामला करीब दो साल पुराना है। कोविड के दौरान डीएम रणवीर शर्मा एक बच्चे थप्पड़ मारते नजर आए थे। रणवीर शर्मा ने बच्चे मोबाइल भी तोड़ दिया था। इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया में लोगों के बीच काफी ज्यादा गुस्सा था। रणवीर शर्मा को हटाने के लिए हैशटैग भी किया गया था।
ऐसे अधिकारी के खिलाफ हो सकती है कार्रवाई
ये जितने भी मामले हैं इनमें अधिकारी अपना आपा खोते नजर आ रहे हैं। अपनी वर्दी या फिर पावर का गलत इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। ये ठीक है कि इस तरह के अधिकारियों को जनता के बीच जाना होता है, उन्हें गलत काम करने से रोकना होता है तो उन्हें सख्ती अपनानी पड़ती है, लेकिन सख्ती के नाम पर किसी के साथ मारपीट या उसे थप्पड़ मारना सही नहीं हो सकता। ये कानूनी रूप से गलत है और ऐसे अधिकारी के खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 323 और 341 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।




