‘एक देश, एक चुनाव’ का विचार भारतीय संघ पर हमला है? ओवैसी, केजरीवाल से लेकर राहुल गांधी क्यों कह रहे ऐसा
केंद्र सरकार की तरफ से संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने के बाद से ही वन नेशन, वन इलेक्शन के मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई। एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर विचार के लिए पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में 7 सदस्यों वाली हाईलेवल कमेटी का गठन कर दिया है। इस पूरे मुद्दे पर विपक्ष मोदी सरकार की आलोचना कर रहा है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी से लेकर ओवैसी की पार्टी AIMIM ने भी वन नेशन, वन इलेक्शन के विचार का विरोध किया है। रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इसे भारतीय संघ पर हमला बताया।
संघ पर हमला है ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’?
राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा, इंडिया अर्थात भारत, राज्यों का एक संघ है। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का विचार संघ और उसके सभी राज्यों पर हमला है। कांग्रेस की तरफ से पहले ही यह कहा जा चुका है कि सरकार की इस मामले में नीयत साफ नहीं है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने रविवार को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर पैनल की संरचना को लेकर भाजपा सरकार से सवाल किया। उन्होंने कहा कि उसने पहले ही अपनी सिफारिशें निर्धारित कर ली हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ को लेकर बीजेपी पर आरोप लगाया कि ‘भाजपा द्वारा प्रायोजित’ हर दूसरे मुद्दे की तरह, यह विचार भी पूर्व-निर्धारित और पूर्व-नियोजित प्रतीत होता है।
एक राष्ट्र, एक शिक्षा की जरूरत : केजरीवाल
केंद्र की ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया है। केजरीवाल ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि देश को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की नहीं, बल्कि ‘एक राष्ट्र, एक शिक्षा’ की जरूरत है। केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट किया, “देश के लिए क्या आवश्यक है? एक राष्ट्र, एक चुनाव या एक राष्ट्र, एक शिक्षा (अमीर या गरीब सभी के लिए समान गुणवत्ता वाली शिक्षा) या एक राष्ट्र, एक स्वास्थ्य सेवा। (अमीर या गरीब सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक समान पहुंच) ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ से आम आदमी को क्या फायदा होगा।
वन नेशन, वन इलेक्शन असंवैधानिक : ओवैसी
AIMIM नेता असदउद्दीन ओवैसी ने कहा है कि भारत में एक देश, एक चुनाव संभव नहीं है। ओवैसी ने वन नेशन, वन इलेक्शन को असंवैधानिक बताया। ओवैसी ने कहा था कि अगर ऐसा कोई विधेयक आता है तो यह असंवैधानिक होगा। संविधान की मूल संरचना का संघवाद एक हिस्सा है। बीजेपी के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है। विधानसभाएं इसे पारित नहीं करेंगी। कोई भी गैर भाजपा शासित राज्य इसे स्वीकार नहीं करेगा।
विफलता से ध्यान बांटने की चाल: जदयू
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के एक वरिष्ठ नेता और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के एक प्रमुख सहयोगी ने आरोप लगाया कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा की महंगाई और रोजगार के मोर्चे पर अपनी विफलता से लोगों का ध्यान बांटने की चाल है। राज्य के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं के एक साथ चुनाव ‘बहसयोग्य’ मुद्दा है। सभी दलों से परामर्श किए बगैर उसपर निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए।
नेशनल कांफ्रेंस को कुछ आपत्ति
नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) को भी ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ प्रस्ताव पर कुछ आपत्ति है। पार्टी का कहना है कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अगुवाई वाली नवगठित समिति द्वारा रिपोर्ट सौंप दिए जाने के बाद ही वह अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया देगी। नेशनल कांफ्रेंस के प्रवक्ता इमरान नबी डार ने का कहना है कि एक पार्टी के तौर पर नेकां के कुछ ऐतराज हैं। इसमें कई ऐसी बातें हैं, जिनपर हम प्रतिक्रिया देना चाहते हैं।



