जम्मू-कश्मीर बंदूक लाइसेंस घोटाले में दोषी पाए गए IAS अधिकारी पर मुकदमा.
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में 2012 से 2016 के बीच 2.74 लाख से अधिक बंदूक लाइसेंस जारी करने में हुए बड़े घोटाले में फंसे एक आईएएस अधिकारी पर अब मुकदमा चलने जा रहा है।
इस अधिकारी को पहले गिरफ्तार कर निलंबित कर दिया गया था, लेकिन 2021 में उन्हें फिर से नौकरी पर बहाल कर दिया गया था।
सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और उसने पाया है कि इस अधिकारी ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर अवैध रूप से बड़ी संख्या में बंदूक लाइसेंस जारी किए थे। इन लाइसेंसों को उन लोगों को भी जारी कर दिया गया था जो इसके हकदार नहीं थे।
क्या है पूरा मामला:
सीबीआई ने अपनी जांच में पाया है कि जम्मू-कश्मीर में कई जिला मजिस्ट्रेटों और डिप्टी कमिश्नरों ने नियमों को ताक पर रखकर बड़ी संख्या में बंदूक लाइसेंस जारी किए थे। इन लाइसेंसों को जारी करने के लिए रिश्वत ली गई थी।
क्यों है यह मामला गंभीर:
यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि इससे राज्य की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। अवैध रूप से जारी किए गए बंदूक लाइसेंस का इस्तेमाल अपराध करने में किया जा सकता है।


