लेकिन अब लगता है कि बंधन बैंक ने भविष्य की रणनीति तैयार कर ली है. इसे “बंधन 2.0” नाम दिया गया है. इस योजना के तहत बैंक ने कई अहम कदम उठाए हैं.
सबसे पहला फोकस बैंक के लोन पोर्टफोलियो को बदलना है. अभी तक बंधन बैंक ज्यादातर सिक्योर्ड लोन देता रहा है. मगर अब बैंक की कोशिश है कि बिना गारंटी वाले लोन (अनसिक्योर्ड लोन) की मात्रा बढ़ाई जाए. रिपोर्ट्स के अनुसार, बैंक अपने लोन पोर्टफोलियो में 50:50 का अनुपात चाहता है, यानी आधे सिक्योर्ड लोन और आधे अनसिक्योर्ड लोन.
दूसरा बड़ा बदलाव बैंक के मैनेजमेंट में आया है. चंद्र शेखर घोष के जाने के बाद एक नई मैनेजमेंट टीम ने बागडोर संभाली है. इस टीम में एक्सिस, एचडीएफसी बैंक और सिटी बैंक जैसे बड़े बैंकों से आए हुए अनुभवी प्रोफेशनल्स शामिल हैं. माना जा रहा है कि इनका अनुभव बैंक को आगे बढ़ाने में काफी मदद करेगा.
साथ ही, बैंक ने अपने टेक्नोलॉजी इंफ्रास्क्ट्रक्चर को भी अपग्रेड किया है. बैंक ने एक नए अत्याधुनिक कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (CBS) को अपनाया है. नई टेक्नॉलॉजी से बैंक के कामकाज में दक्षता आएगी और ग्राहकों को बेहतर सर्विस मिल पाएगी.
कुल मिलाकर, बंधन बैंक ने “बंधन 2.0” के तहत कई अहम बदलाव किए हैं. ये बदलाव बैंक को आने वाले समय में एक मजबूत और आधुनिक बैंक के रूप में स्थापित करने में मदद करेंगे.



