बिहार की सियासत में बाबा बागेशवर के बाद ‘उड़नखटोले’ की एंट्री, बीजेपी सरकार पर हुई हमलावर
बिहार भी गजब का सूबा है। तरह-तरह के कारनामों के लिए इसकी पहचान बनती रही है। राजनीति हो या प्रतिभा दिखाने का मौका, बिहार कोई मौका नहीं चूकता। पशु चारे का ट्रक भर माल बिहार में स्कूटर और मोटरसाइकिल पर ढोया जाता है। यहां तक कि गाय-भैंस भी स्कूटर पर ढोए जा चुके हैं। रेलवे का इंजन, नहर पर बने पुल और रेल की बिछी पटरियां चोरी हो जाते हैं। देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद जैसी प्रतिभा बिहार में पैदा होती है, जिनकी कापी जांचने वाला विलायती परीक्षक टिप्पणी करता है- Examinee is better than Examiner तो उन्हीं के इलाके से मशहूर ठग नटवरलाल (मूल नाम मिथिलेश कुमार) पैदा होता है, जिस पर ताजमहल, लालकिला और राष्ट्रपति भवन बेचने के आरोप लगते रहे हैं। बिहार आईएएस-आईपीएस पैदा करने की फैकटरी भी रहा है। हाल ही में घोषित संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में बिहार के कई बच्चों ने टाप 10 में जगह पाई है। इन सबके बीच बिहार अपने राजनीतिक चाल-चरित्र के कारण भी देश में नाम कमाता रहा है। बिहार में विधायकों की संख्या के हिसाब से तीसरे नंबर की पार्टी का नेता सीएम बनता है तो एक सियासी परिवार ऐसा भी सत्ता में दखल रखता है, जिसके सभी सदस्य किसी न किसी मामले-मुकदमे में उलझे हैं। परिवार के मुखिया तो भ्रष्टाचार के आरोप में सजायाफ्ता भी हैं। बिहार की राजनीति में बागेश्वर धाम के बाबा धीरेद्र कृष्ण शास्त्री का प्रवचन बड़ा मुद्दा बन जाता है तो अब हेलीकॉप्टर सियासी चर्चा के केंद्र में है।
हेलीकॉप्टर पर छिड़ी है बिहार में सियासी जंग
बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को वाल्मीकिनगर जाना था। राज्य सरकार ने उन्हें वहां जाने के लिए हेलीकॉप्टर की सुविधा नहीं दी। उन्होंने वहां तक की यात्रा सड़क मार्ग से की। बीजेपी ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाया। बीजेपी ने आरोप लगाया कि राज्यपाल चूंकि दलित वर्ग से आते हैं, इसलिए जान-बूझ कर सरकार ने उनकी उपेक्षा की। बीजेपी के पूर्व बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि नीतीश कुमार राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को इसलिए हेलीकॉप्टर नहीं दे रहे हैं कि वे अनुसूचित जाति से आते हैं। उनके बैठने से हेलीकॉप्टर अपवित्र हो जाएगा। उन्हें हेलीकॉप्टर न देकर मुख्यमंत्री ने उनका अपमान किया है। पहले भी राज्यपाल के साथ राज्य सरकार इस तरह का व्यवहार कर चुकी है। जब भी राज्यपाल को यात्रा पर जाना होता है तो उन्हें बिहार सरकार हेलीकॉप्टर मुहैया नहीं कराती है।
बीजेपी के लिए स्टेट हैंगर में नहीं दी गई जगह
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी और बीजेपी के साथ हाल ही में जुड़े आरसीपी सिंह को पार्टी के एक कार्यक्रम में शरीक होने दरभंगा जाना था। बीजेपी का आरोप है कि राज्य सरकार ने उनके हेलीकॉप्टर की पार्किंग के लिए स्टेट हैंगर में जगह नहीं दी। बीजेपी का कहना है कि नीतीश कुमार की महागठबंधन सरकार डरी हुई है। बीजेपी के नेता अरविंद सिंह की मानें तो नीतीश सरकार बीजेपी के बढ़ते प्रभाव से डर गई है। नीतीश कुमार का जनाधार खिसकता जा रहा है। यही वजह है कि सम्राट चौधरी के दरभंगा दौरे के लिए सरकार ने उनके हेलीकॉप्टर की पार्किंग के लिए स्टेट हैंगर में जगह देने से मना कर दिया। इससे पहले बीजेपी ने कार्यकारिणी की बैठक के लिए ऊर्जा ऑडिटोरियम न मिलने पर सरकार के खिलाफ हल्ला बोला था। कार्यकारिणी की बैठक के लिए पहले से बुक किए गए ऊर्जा ऑडिटोरियम की बुकिंग कार्यक्रम से 24 घंटे पहले ही कैंसल कर दी गई थी। सरकार का पक्ष था कि बीजेपी ने गलत जानकारी के आधार पर बुकिंग कराई थी। बुकिंग किसी और नाम से थी। ऑडिटोरियम में कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होता है।




